🚩श्री गणेशाय नम:🚩 

 

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।

वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।

योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।

*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।

इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

 

📜 आज का ​ पंचांग 📜

 

☀ 19-Oct-2026

☀ Sri Dungargarh, India

 

🔅 तिथि अष्टमी 10:53 AM

🔅 नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 03:39 PM

🔅 करण बव, बालव 10:53 AM

🔅 पक्ष शुक्ल  

🔅 योग धृति 00:35 AM

🔅 वार सोमवार  

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय 06:36 AM

🔅 चन्द्रोदय 01:56 PM

🔅 चन्द्र राशि मकर

🔅 सूर्यास्त 06:01 PM

🔅 चन्द्रास्त 00:42 AM

🔅 ऋतु शरद

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत 1948 पराभव

🔅 काली सम्वत 5127

🔅 दिन काल 11:24:54

🔅 विक्रम सम्वत 2083  

🔅 मास अमांत आश्विन

🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन

☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजीत 11:56 AM 12:41 PM

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:41 PM 01:27 PM

🔅 कंटक 08:53 AM 09:39 AM

🔅 यमघण्ट 11:56 AM 12:41 PM

🔅 राहु काल 08:01 AM 09:27 AM

🔅 कुलिक 02:58 PM 03:44 PM

🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 10:24 AM 11:10 AM

🔅 यमगण्ड 10:53 AM 12:18 PM

🔅 गुलिक काल 01:44 PM 03:10 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल    

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती    

☀ चन्द्रबल    

🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर,

 

📜 चोघडिया 📜

 

🔅 अमृत 06:36 AM - 08:02 AM

🔅 काल 08:02 AM - 09:27 AM

🔅 शुभ 09:27 AM - 10:53 AM

🔅 रोग 10:53 AM - 12:18 PM

🔅 उद्वेग 12:18 PM - 01:44 PM

🔅 चल 01:44 PM - 03:10 PM

🔅 लाभ 03:10 PM - 04:35 PM

🔅 अमृत 04:35 PM - 06:01 PM

🔅 चल 06:01 PM - 07:35 PM

🔅 रोग 07:35 PM - 09:10 PM

🔅 काल 09:10 PM - 10:44 PM

🔅 लाभ 10:44 PM - 00:18 AM

🔅 उद्वेग 00:18 AM - 01:53 AM

🔅 शुभ 01:53 AM - 03:27 AM

🔅 अमृत 03:27 AM - 05:02 AM

🔅 चल 05:02 AM - 06:36 AM

 

📜 लग्न तालिका 📜

 

🔅 तुला चर  

शुरू: 06:32 AM समाप्त: 08:52 AM

 

🔅 वृश्चिक स्थिर  

शुरू: 08:52 AM समाप्त: 11:11 AM

 

🔅 धनु द्विस्वाभाव  

शुरू: 11:11 AM समाप्त: 01:15 PM

 

🔅 मकर चर  

शुरू: 01:15 PM समाप्त: 02:58 PM

 

🔅 कुम्भ स्थिर  

शुरू: 02:58 PM समाप्त: 04:26 PM

 

🔅 मीन द्विस्वाभाव  

शुरू: 04:26 PM समाप्त: 05:52 PM

 

🔅 मेष चर  

शुरू: 05:52 PM समाप्त: 07:28 PM

 

🔅 वृषभ स्थिर  

शुरू: 07:28 PM समाप्त: 09:24 PM

 

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव  

शुरू: 09:24 PM समाप्त: 11:39 PM

 

🔅 कर्क चर  

शुरू: 11:39 PM समाप्त: 01:59 AM

 

🔅 सिंह स्थिर  

शुरू: 01:59 AM समाप्त: 04:16 AM

 

🔅 कन्या द्विस्वाभाव  

शुरू: 04:16 AM समाप्त: 06:32 AM

 

🌼 आप सभी को नवरात्री के आठवें, नवें दिन और कन्या पूजन की हार्दिक शुभकामनायें, 

 

आज प्रात: 10.53 AM तक अष्टमी तत्पश्चात नवमी तिथि लग जाएगी जो मंगलवार को दोपहर 12.50 PM तक रहेगी उसके बाद दशमी तिथि अर्थात विजयदशमी का पर्व का मान रहेगा। नवरात्रि के नवें दिन मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं।

 

माता सिद्धिदात्री का स्वरूप बहुत सौम्य और मनोहारी है, मां की चार भुजाएं हैं। मां के एक हाथ में चक्र, एक हाथ में गदा, एक हाथ में कमल का फूल और एक हाथ में शंख सुशोभित है। माता सिद्धिदात्री का वाहन सिंह है।

 

मां सिद्धिदात्री को खीर का भोग लगाया जाता है। अपनी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए नवरात्रि की नवमी के दिन माँ सिद्धिदात्री के इस मन्त्र का जाप करना चाहिए।

 

 

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री