मास्क पहनने वाला कोरोना से सुरक्षित नहीं है हैंड हाइजीन व फिजिकल डिस्टेंसिंग जरूरी है। WHO ने जारी की नई गाइडलाइन।



श्रीडूंगरगढ टाइम्स 6 जून 2020। शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मास्क पहनने से जुड़ी अपनी गाइडलाइन में एक बड़ा बदलाव किया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि लोग भीड़भाड़ वाली उन जगहों पर मास्क पहनें जहां नया कोरोना वायरस काफी फैला है। चूंकि ये घातक वायरस फैलता जा रहा है, ऐसे में डब्ल्यूएचओ ने भी इस बात को लेकर अपना नजरिया बदला है कि किसे मास्क पहनना चाहिए, कब पहनना चाहिए और ये मास्क किसका बना होना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ बीते कई महीनों से इस बात को लेकर असमंजस में थे कि मास्क पहनने से जुड़ी गाइडलाइन जारी करके लोगों में एक झूठा भाव पैदा होगा कि मास्क उन्हें कोरोना वायरस से बचा लेगा जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क जैसे ज़रूरी उपकरणों की कमी पड़ जाएगी। हालांकि कोविड-19 प्रमुख ने जोर देकर कहा कि मास्क वायरस को दूर रखने के लिए प्रभावी रणनीति का केवल एक हिस्सा है और लोग ये न समझें कि इसको पहनने से वो पूरी तरह सुरक्षित हैं। WHO प्रमुख ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मास्क को फिजिकल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का विकल्प नहीं माना जा सकता। केवल मास्क पहनने से कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से नहीं बच सकता। हर मामले का पता लगाएं, उसे अलग करें और उसकी देखभाल करें, और हर संपर्क का पता लगा कर उसे क्वारंटीन करें। यही वो तरीका है जो हम जानते हैं कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में काम करता है। covid-19 के खिलाफ हर देश का यही सबसे अच्छा बचाव है।’
क्या कहती है विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई गाइडलाइन?
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अदनोम ने सुझाव दिया कि सरकारों को अपनी जनता को ऐसी जगहों पर मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जहां वायरस का व्यापक संक्रमण हो और लोगों का आपस में दूरी बनाना मुश्किल हो जैसे कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, दुकानें या फिर ऐसी दूसरी जगह जहां भीड़भाड़ वाला माहौल रहता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कम्युनिटी ट्रांसमिशन वाले इलाकों के लिए सलाह दी कि जो लोग 60 साल या उससे अधिक उम्र के हैं, या ऐसे लोग जिन्हें गंभीर बीमारी है, उन्हें ऐसी स्थिति में मेडिकल मास्क पहनना चाहिए, जहां लोगों से शारीरिक दूरी बनाए रखना संभव नहीं है।
WHO ने गैर-मेडिकल फैब्रिक मास्क की बनावट को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें ये सलाह दी गई है कि मास्क में अलग अलग मटीरिअल की कम से कम तीन परतें होनी चाहिए।