श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 अक्टूबर 2026। नवरात्र में हर घर में श्रद्धालु नौ दिन के व्रत उपवास, पाठ पूजन, आरती व कन्या पूजन के आयोजन संपन्न करते है। वहीं धर्म विशेषा में पढें श्रीडूंगरगढ़ के मोमासर बास में करणी मंदिर के पुजारी दीनदयाल सारस्वत की साधना के बारे में, सारस्वत ने नौ दिन अखंड खड़े रहकर माँ की तपस्या की है। 
मंदिर के श्रद्धालुओं ने बताया कि पहले नवरात्र को बाड़ी बैठने पर नौ दिन खड़े रहने का संकल्प लिया। जिसे दशहरे को बाड़ी पूजन संपन्न होने तक पूरा किया। वे नौ रातें व नौ दिन लगातार खड़े ही रहें और खड़े खड़े ही सुबह शाम के आरती पूजन भी मंदिर में संपन्न करवाए। इस दौरान सारस्वत ने लगातार नाम जप के साथ क्षेत्र में खुशहाली की प्रार्थना की। वे नौ दिन निराहार रहकर उपवास भी किया और नंगे पांव भी रहें। श्रद्धालुओं ने मंगलवार को नवरात्र पूजन संपन्न होने के पश्चात उन्हें प्रणाम कर आशीर्वाद लिया व श्रद्धा प्रकट की। अब कस्बे में उनके कठोर व्रत की चर्चा चारों ओर हो रही है।

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