






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जून 2026। आज का समय कठिन होता जा रहा है, ऐसे समय में बच्चों को सेवा, प्रेम व त्याग के संस्कार देने की बहुत आवश्यकता है। जिससे भारतीय परंपरा व परिवारों का महत्व बना रहें। ये संस्कार माता पिता और अभिभावक अपने व्यवहार से प्रस्तुत करें, उन्हें बाल अवस्था में ही बच्चों को प्रेरणा देवें। ये प्रेरणा दंडी स्वामी शिवेंद्रस्वरूप जी महाराज ने दी है। स्वामी जी कालूबास में गिरधारीलाल गोपीदेवी पुरोहित के घर पधारे। यहां अनेक श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत, सम्मान किया। स्वामी जी ने संस्कारों पर प्रवचन देते हुए श्रीडूंगरगढ़ की बेटी आर्यांशी स्वामी के विश्व योगसना प्रतियोगिता में दो गोल्ड जीतने पर आशीर्वाद दिया। विप्र फाउंडेशन सचिव रंजना पारीक ने स्वामी का साफा व फूलमाला पहनाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में रामदेव बोहरा, राधेश्याम जोशी, इंद्रचंद जोशी, मोतीलाल व्यास, भीकमचंद जोशी, जयकिशन जोशी, दीनदयाल तावणियां, संपत्त पुरोहित, बजरंग पुरोहित, बाबूलाल जोशी, आशाराम सुथार, बंशीधर सुथार, मुकेश कुमार पारीक सहित अनेक महिला शक्ति व मौजिज लोग उपस्थित रहें।






