July 13, 2024

श्रीडूंगरगढ टाइम्स। 22 अप्रैल, 2019। ये ईंटो की सड़कें और सड़कों के बीच में पट्टियों की नालियां ये है आजादी के 69 वर्ष पूरे होने तक हमारे शहर का विकास है। उंचे उंचे ब्रेकर जैसे कोई दुर्घटना कराने के लिए लगाये गये है। आदर्श विद्या मंदिर स्कूल के सामने शहर के भीतर आने वाली रोड पर पहाड़ सा ब्रेकर क्युं बनाया गया है ये सवाल वहां से गुजरने वाले प्रत्येक नागरिक के मन में आता है। मैन मार्केट में नालियां सुरसा के मुंह की तरह चौड़ी क्युं बनाई गई इसका जवाब किसी के पास नहीं। चौड़ी इतनी की जिसमें कोई वाहन चालक न सही साइकिल सवार जरूर फंसे। मुश्किल तो नन्हे मुन्नों की है जो बेचारे समझ ही नहीं पाते की खुली चोड़ी नालियां क्युं रखी गयी है। वैसे विकास का नमुना गौरव पथ् एकमात्र ऐसा मार्ग है जो विकास को दर्शाता है परन्तु उसमें भी खुला पड़ा गहरा सीवर टैंक लापरवाहीयों को दर्शा रहा है और किसी दुर्घटना को निमन्त्रण दे रही है। घास मंडी जो शहर का मुख्य मार्ग है से तेरापंथ रोड पर खडडो का आलम है कि लोग यहां से गुजरना भी पसंद नहीं करते। घास मंडी से आडसर बास मार्ग के खडडे तो कभी न रूकने वाले खडडे लगने लगे है। भैरूंजी मंदीर मार्ग हो या रानी बाजार मार्ग खस्ता सड़कों से बदहाल पूरा शहर हांफ रहा है और वाहन चालक इसे सजा की तरह झेल रहे है। जहां निर्माण चल  रहा है वहां लेबलीगं का ख्याल किसी को है ही नहीं।  यहां भोले नागरिक अपने अपने कार्य में व्यस्त रहते है जिन्हें विकास से ज्यादा रोजीरोटी की फिक्र है। प्रशासन तो ना जाने कौनसे एस्टिमेंट बनाता है कि यहां बदहाली बढती ही जा रही है। गलियों में जगह जगह ईंटो की सड़को का निर्माण किया है जो उबड़ खाबड़ सड़को का सबसे प्रमुख कारण है। शहरवासी हैरान है पर किससे जाकर दर्द सुनाये। ऐसा लग रहा है जैसे ये मेरा शहर राजनीतिक और प्रशासनिक उपेक्षा झेल रहा है।

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