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October 8, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अक्टूबर 2026। आगामी रबी फसलों की बुवाई के मध्यनजर कृषि विभाग ने किसानों को डीएपी के विकल्प के तौर पर सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) और यूरिया के उपयोग की सलाह दी है।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत के अनुसार एक बैग डीएपी के स्थान पर 3 बैग एसएसपी और 1 बैग यूरिया का उपयोग किया जा सकता है। इसमें उपलब्ध पोषक तत्वों की लागत डीएपी की तुलना में कम होती है। तिलहन की फसलों में सल्फर डालना जरूरी होता है। यह एसएसपी में होता है, डीएपी में नहीं होता। एसएसपी में फास्फोरस के साथ सल्फर, जिंक और बोरोन जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं। उर्वरक के रूप में एसएसपी व एनपीके ग्रेड्स उर्वरक का उपयोग कृषि के लिए वरदान है। उन्होंने बताया कि एसएसपी में सल्फर और कैल्शियम होता है जो दलहनी व तिलहनी फसलों में जड़ों का विकास बेहतर करने में मदद करते है। गहलोत ने बताया कि उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि में मुख्य पोषक तत्वों एनपीके के आदर्श 4:2:1 अनुपात में असंतुलन हो रहा है। उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने और भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए पीएम प्रणाम को अपनाने पर जोर दिया है। साथ ही गोबर खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, खली, प्रोम, फोम, एलफॉम और ऑर्गेनिक मैन्योर जैसी कार्बनिक खादों के उपयोग की सलाह दी। किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर बनाए गए मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।

डीएपी में तत्व
फास्फोरस 46 प्रतिशत
नाइट्रोजन 18 प्रतिशत
सल्फर। 0 प्रतिशत
एसएसपी में तत्व
फास्फोरस 16 प्रतिशत
सल्फर 11 प्रतिशत
कैल्शियम 21 प्रतिशत