April 25, 2024

सर्दी के दिनों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। इस मौसम में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में लोग पानी भी कम पीते हैं। इससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। जबकि इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है। इन दिनों सर्दी, खांसी और बलगम से संबधित मामले अधिक देखे जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी के दिनों में सेहत का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। अगर कोई कोताही बरतते हैं, तो सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके लिए सर्दी के दिनों में लोग मूंगफली का सेवन करते हैं। आयुर्वेद में मूंगफली को दवा माना जाता है। इसमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे जिंक, आयरन, मैगनेश्यिम पाए जाते हैं। इसके सेवन से कई बीमारियों में आराम मिलता है। खासकर डायबिटीज और बढ़ते वजन के लिए दवा समान है। साथ ही इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। आइए, सर्दियों में मूंगफली खाने की 5 खास वजह को जानते हैं-

इम्यून सिस्टम मजबूत होता है

सर्दी के दिनों में मूंगफली के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही शरीर में ऊष्मा का संचार होता है, जिससे ठंड कम लगती है। इसके लिए आप मूंगफली की चिक्की खा सकते हैं।

हृदय आघात का खतरा कम हो जाता है

जैसा कि हम सब जानते हैं कि सर्दी के दिनों में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। इससे दिल और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर्स सर्दियों में इन रोगों से बचने के लिए मूंगफली खाने की सलाह देते हैं। मूंगफली के सेवन से सर्दियों में होने वाली बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

दिल को सेहतमंद रखता है

मूंगफली के सेवन से मेटाबॉलिज़्म बूस्ट होता है। मूंगफली में बीटा कैरोटीन पाया जाता है, जिससे संपूर्ण शरीर में रक्त संचार सुचारू रूप से होता है। साथ ही त्वचा में नमी बनी रहती है।

हड्डियां मजबूत होती हैं

सर्दी के दिनों में धूप की कमी से शरीर में विटामिन-डी की कमी हो जाती है। इसके लिए मूंगफली दवा समान है। मूंगफली में कैल्शियम और विटामिन-डी पर्याप्त मात्रा में होती है। मूंगफली के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं।

त्वचा में निखार आता है

मूंगफली में ओमेगा 6 पाया जाता है जो त्वचा की नमी को बनाए रखता है। कई त्वचा विशेषज्ञ मूंगफली के पेस्ट को फेसपैक लगाने की सलाह देते हैं। सर्दियों में त्वचा रूखी हो जाती है। इसके लिए मूंगफली दवा समान है।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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