May 27, 2024

श्रीडूंगरगढ टाइम्स 17 मार्च 2020। श्रीडूंगरगढ नगरपालिका में एक बड़ा बदलाव 21 मार्च से होने वाला है। 21 मार्च से नगरपालिका का पूरा स्टॉफ अपने कार्यालय समय पर कार्यालय आने लगेगा। पालिका कार्यालय में कर्मचारियों के नहीं मिलने की शिकायत अक्सर कस्बेवासियों को रहती है। इससे परेशान होकर पार्षदों द्वारा, सामाजिक संस्थाओं द्वारा व नगरपालिका की साधारण सभा की बैठक में भी लगातार बायोमैट्रिक की मांग की जा रही थी ताकि नगरपालिका कार्यालय में बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज होने पर कर्मचारी समय पर कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराऐं। अब अधिशाषी अधिकारी ने बायोमैट्रिक मशीनों की सप्लाई के आदेश दे दिए है और संभवत ये मशीनें श्रीडूंगरगढ नगरपालिका में 21 मार्च से आपूर्ति कर दी जाएगी। और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होने लगेगी।
कर्मचारियों को लेटलतीफी पड़ सकती है मंहगी
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। अब नगरपालिका कर्मचारियों को लेट कार्यालय में आना महंगा पड़ सकता है। नगरपालिका ईओ भवानी शंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारी सभी 9.30 से 6 बजे तक आने और जाने की बायोमैट्रिक हाजरी लगाऐंगे और इसमें गफलत होने पर कार्यवाही का प्रावधान भी है। उन्होनें बताया कि लंबे समय से पार्षदों की मांग पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। बहरहाल एक लंबे समय की मांग के बाद ही सही पर यह व्यवस्था 21 मार्च से नगरपालिका में प्रारम्भ हो जाएगी। जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मैरिज सर्टिफिकेट आदि के लिए बार –बार चक्कर काटने वाले नागरिकों को राहत मिल सकेगी। पार्षद व गंदी बस्ती सुधार समिति के अध्यक्ष तोलाराम मारू ने कहा कि इस प्रयास के सफल होने से कर्मचारी कम से कम ऑनड्युटी मिल सकेंगे और ड्युटी टाइम काम करेगें तो इतने समय में पूरे कस्बे के कार्य सम्पन्न हो सकेगें।

क्या है बायोमैट्रिक जाने पूरी जानकारी।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। ज्यादातर ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन लगाई जाती हैं। जिसमें कर्मचारी आते और जाते समय पंच करते हैं। इस प्रोसेस से कर्मचारी द्वारा काम किए गए घंटे का रिकॉर्ड मशीन में दर्ज हो जाता है। यह ऑनलाइन हाजरी रिकॉर्ड के तौर पर पहचाना जाती है। ये प्रोसेस पूरी तरह ऑटोमैटिक होती है। वहीं, महीने के आखिर में उस कर्मचारी का पूरा रिकॉर्ड देखा जाता है। इन दिनों कई सरकारी विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड फिंगरप्रिंट स्कैनर के जरिए रखा जा रहा है। बायोमैट्रिक्स प्रणाली की विश्वसनीयता अत्यधिक मानी जाती है। इसके कई कारण हैं, जैसे प्रत्येक व्यक्ति में पाई जाने वाली बायोमैट्रिक्स विशिष्ट होती है। बायोमैट्रिक खोजों को न तो भुलाया जा सकता है और न ही इनमें फेरबदल आदि संभव है। यदि किसी दुर्घटनावश अंग विकृत हो जाए, तभी इसमें बदलाव संभव है, अन्यथा यह चिह्न व्यक्ति में स्थाई प्रकृति के होते हैं। पहचान बनाये रखने के लिए एकत्रित बायोमैट्रिक आंकड़ों को पहले एन्क्रिप्ट किया जाता है, ताकि उसका क्लोन न बनाया जा सकें। इसके अलावा इस तकनीक को पासवर्ड एवं कार्ड के साथ मिलाकर प्रयुक्त किया जा सकता है। इस प्रकार बायोमेट्रिक प्रणाली की विश्वसनीयता अत्यधिक बताय़ी जाती है।

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