


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अगस्त 2026। नगरपालिका चुनाव को लेकर शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। 40 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है और दावेदार अपने समर्थकों के साथ पर्चे दाखिल कर रहे हैं। इसी बीच प्रत्याशियों की वैधानिक पात्रता और संभावित अयोग्यता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार यदि किसी प्रत्याशी का नगरपालिका से ठेकेदारी या अन्य किसी प्रकार का आर्थिक लाभ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष (निकट रिश्तेदार) रूप से लिया हुआ तो उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है। साथ ही नगरपालिका में किसी प्रकार की बकाया राशि से जुड़ा मामला है और वह निर्धारित प्रावधानों के तहत अयोग्य पाया जाता है, तो उसके नामांकन पर आपत्ति हो सकती है। इसके अलावा प्रत्याशी की निर्धारित आयु, शपथ-पत्र, आपराधिक प्रकरणों सहित अन्य जरूरी पात्रताओं की भी नामांकन जांच के दौरान पड़ताल होगी।
जागरूक जनता भी लगा सकती है आपत्ति।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विदित रहे कि किसी प्रत्याशी की अपात्रता को लेकर ठोस तथ्य या दस्तावेज रखने वाले जागरूक नागरिक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। जहाँ अधिकारी जांच के बाद संबंधित तथ्य और प्रमाण के आधार पर नामांकन खारिज कर देंगे। विदित रहे कि श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में भी बड़ी संख्या में भाजपा-कांग्रेस के ऐसे दावेदार है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नगरपालिका की ठेकेदारी में संलिप्त है। शनिवार को विभाग के इस नियम पर दैनिक भास्कर में बड़ा आलेख आने के बाद दोनों ही पार्टियों में ऐसे आवेदकों को टिकट देने पर पुनः मंथन शुरू हो गया है।





