श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 अक्टूबर 2026। किशोर एवं युवा अपनी संगत पर विशेष ध्यान दें और बुरी संगत से सदैव दूर रहें। शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया और भटकाव पैदा करने वाले मोबाइल एप्स से दूरी बनाएं। यह प्रेरणादायी संदेश रामकथा वाचक संत गोविंददास जी महाराज ने जयपुर पब्लिक स्कूल (जेपीएस) परिसर में विद्यार्थियों को दिया। संत गोविंददास जी महाराज ने कहा कि जीवन का लक्ष्य तपस्या होना चाहिए। संसार में अपनी उपयोगिता सिद्ध करने के लिए निरंतर परिश्रम करना भी एक प्रकार की तपस्या है। उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझने वाली नवपीढ़ी ही देश का भविष्य उज्ज्वल बना सकती है। बच्चों की अच्छी कीर्ति से न केवल उनका स्वयं का बल्कि परिवार और समाज का नाम भी गौरवान्वित होता है। इस दौरान संत ने विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे प्रयोगों की जानकारी दी। नन्हें विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन से जुड़े सवाल पूछे तो संत ने उन्हें मोबाइल के दुरुपयोग बताते हुए इससे दूरी बनाए रखने की सीख दी। कार्यक्रम में स्कूल निदेशक कुंभाराम घिंटाला ने फूलमाला पहनाकर संत का सम्मान किया और आभार जताया। स्कूल स्टाफ ने भी संत का स्वागत किया। अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरित किया गया।
