श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 नवम्बर 2026। पढें आज का पंचांग।
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 05-Nov-2026
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि एकादशी 10:37 AM
🔅 नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी 03:56 AM
🔅 करण बालव, कौलव 10:37 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग वैधृति 05:08 AM
🔅 वार गुरूवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:47 AM
🔅 चन्द्रोदय 03:52 AM
🔅 चन्द्र राशि 09:34 AM
🔅 सूर्यास्त 05:47 PM
🔅 चन्द्रास्त 03:18 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 काली सम्वत 5127
🔅 दिन काल 10:59:22
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 11:55 AM 12:39 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 10:27 AM 11:11 AM
🔅 कंटक 02:51 PM 03:35 PM
🔅 यमघण्ट 07:31 AM 08:15 AM
🔅 राहु काल 01:39 PM 03:02 PM
🔅 कुलिक 10:27 AM 11:11 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 04:19 PM 05:03 PM
🔅 यमगण्ड 06:47 AM 08:10 AM
🔅 गुलिक काल 09:32 AM 10:54 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल दक्षिण
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅 शुभ 06:48 AM - 08:10 AM
🔅 रोग 08:10 AM - 09:32 AM
🔅 उद्वेग 09:32 AM - 10:55 AM
🔅 चल 10:55 AM - 12:17 PM
🔅 लाभ 12:17 PM - 01:39 PM
🔅 अमृत 01:39 PM - 03:02 PM
🔅 काल 03:02 PM - 04:24 PM
🔅 शुभ 04:24 PM - 05:47 PM
🔅 अमृत 05:47 PM - 07:24 PM
🔅 चल 07:24 PM - 09:02 PM
🔅 रोग 09:02 PM - 10:39 PM
🔅 काल 10:39 PM - 00:17 AM
🔅 लाभ 00:17 AM - 01:55 AM
🔅 उद्वेग 01:55 AM - 03:32 AM
🔅 शुभ 03:32 AM - 05:10 AM
🔅 अमृत 05:10 AM - 06:48 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 तुला चर
शुरू: 05:25 AM समाप्त: 07:45 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 07:45 AM समाप्त: 10:04 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:04 AM समाप्त: 12:08 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:08 PM समाप्त: 01:51 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 01:51 PM समाप्त: 03:19 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:19 PM समाप्त: 04:45 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 04:45 PM समाप्त: 06:21 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:21 PM समाप्त: 08:17 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:17 PM समाप्त: 10:32 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:32 PM समाप्त: 00:52 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 00:52 AM समाप्त: 03:09 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 03:09 AM समाप्त: 05:25 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो ।।🌺
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।
और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
गुरुवार को विष्णु जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, गुरुवार को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यन्त फलदाई है।
🌼 रमा एकादशी व्रत
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री