श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 अक्टूबर 2026। श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति परिसर में राजीविका, राजस्थान ग्रामीण बैंक एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य जांच, वित्तीय साक्षरता एवं ऋण वितरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 25 स्वयं सहायता समूहों को 70 लाख रुपए के ऋण वितरण के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए, वहीं 60 से अधिक महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। राजीविका की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत आयोजित शिविर का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रहा। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने महिलाओं को ऋण का उचित उपयोग, समय पर पुनर्भुगतान और स्वरोजगार के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने की जानकारी दी। कार्यक्रम में राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ललित प्रकाश मोदी, राजीविका ब्लॉक परियोजना प्रबंधक रघुनाथ डूडी, पंचायत समिति शाखा प्रबंधक राजकुमार, बैंक के एसएमबी जितेंद्र सिंह राठौड़, वित्तीय साक्षरता केंद्र के गिरिराज, राजीविका पीए-एमआईएस ममता शर्मा, बेटी पढ़ाओ सीएलएफ की क्लस्टर प्रबंधक सीता जाखड़, लेखाकार मोनिका सारण एवं क्लस्टर कोऑर्डिनेटर कांता मेघवाल सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
साइबर सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वित्तीय साक्षरता सत्र में महिलाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर धोखाधड़ी, मनी म्यूल खातों और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक किया गया।
महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर दिया परामर्श
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। चिकित्सा विभाग की टीम ने 60 से अधिक महिलाओं का रक्तचाप, ब्लड शुगर, वजन, लंबाई एवं हीमोग्लोबिन परीक्षण किया। चिकित्सा टीम के मनोज कुमार एवं एएनएम सरिता ने पोषण सखी कौशल्या देवी और संतोष सिद्ध के सहयोग से जांच कार्य किया। गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच के साथ मौसमी बीमारियों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।
आवास योजना की लाभार्थी महिलाओं को समूहों से जोड़ने पर जोर
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजीविका की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थी एवं पात्र परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि वे नियमित बचत, बैंक ऋण और आजीविका के अवसरों का लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।



