श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अक्टूबर 2026। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसान कमजोर मानसून की मार से कमजोर हुई फसल को लेकर चिंतित है और इसका असर अब पशुपालन पर भी पड़ता नजर आ रहा है। कम उत्पादन के चलते सुखे चारे की किल्लत गहराने लगी है। चारे की आवक कम होने से भाव आसमान छू रहें है। ग्रामीण अंचल में ही नहीं शहरी पशुपालकों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। बाजार में मूंगफली का चारा 1000/- से 1200/- प्रति क्विंटल रूपए पहुंच गया है। वहीं ग्वार का चारा 900/- से 1000/- और मोठ चारा 900/- से 1000/-, मूंग चारा 600/- 700/- प्रति क्विंटल पहुंच गया है। पशुपालकों ने बताया कि गत वर्ष मूंगफली चारा के भाव 400/- से 500/- ग्वार तूड़ी 300/- मोठ चारा 300/- 400/- और मूंग चारा 200/- 350/- भाव थे।
गेहूं तूड़ी भी 1000 रूपए प्रति क्विंटल वहीं गत वर्ष इसके भावे 500/- रूपए बाजार भाव था। पशुपालक पवन पारीक ने बताया कि घर तक चारा 15 रूपए प्रति किलो पहुंच रहा है। इससे पशुपालक बुरी तरह से परेशान हो रहें है। दो दर्जन से अधिक पशुओं का पालन कर रहें पारीक ने बताया कि परेशान पशुपालक अपने पशुओं को बेचने के लिए खरीददार ढूंढने लगे है। खेतों में पड़ा चारा भी नहीं मिल रहा है।
रियायती दरो पर चारा डिपो शुरू करने की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बारानी किसानों के हालात अत्यधिक परेशान करने वाले हो गए है। बारानी में कम बरसात की मार से फसले प्रति बीघा में क्विंटल के स्थान पर किलो पर आ गई और अब चारे की किल्लत से किसान व पशुपालक परेशान है। गांव उदरासर के किसान ओमप्रकाश जाखड़, लोढेरा के प्रगतिशील किसान रामप्रताप गेट, रणजीत गोदारा, पशुपालक नवरतन पांडिया सहित अनेक लोगों ने क्षेत्र में पशुपालकों के लिए खड़े संकट के समय सरकार द्वारा संज्ञान लेकर चारा डिपो शुरू कर मदद करने की मांग उठाई है।