





श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 अगस्त 2026। किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में सरकार के पायलट प्रोजेक्ट ‘Framework for Fertilizer Sale’ के तहत शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में उर्वरक बिक्री एवं वितरण की नई कार्यप्रणाली को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक विक्रेताओं एवं किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान सहायक निदेशक कृषि रघुवर दयाल सुथार एवं कृषि अधिकारी मेघराज बंजारा ने उपस्थित सहायक कृषि अधिकारियों, उर्वरक विक्रेताओं (डीलरों) एवं किसानों को Farmer ID के माध्यम से उर्वरक बिक्री एवं वितरण की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ वास्तविक किसानों तक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
स्टॉक से बिक्री तक हर प्रक्रिया पर रहेगा ध्यान
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रशिक्षण में उर्वरक की उपलब्धता, स्टॉक प्रबंधन, बिक्री प्रक्रिया तथा किसानों को नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने से संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। साथ ही, पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन में उर्वरक विक्रेताओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट शीघ्र ही पूरे राजस्थान में लागू किया जाना प्रस्तावित है। इसके लागू होने से उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं सुगमता बढ़ने के साथ किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के माध्यम से कृषि विभाग ने किसानों एवं उर्वरक विक्रेताओं को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।











