




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अगस्त 2026। जैसे वर्ष 1947 में 14 अगस्त की आधी रात को देश आजाद हुआ व उसी तर्ज पर क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की मांग पर चक्काजाम का आह्वान करने वाले कांग्रेस नेता 14 अगस्त की आधी रात को पुलिस थाने से रिहा हुए। देर रात कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने मामले में हस्तक्षेप किया व उनके व राजस्थान कांग्रेस के सोशल मीडिया पेज से इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा गया। डोटासरा ने जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा से भी फोन पर बात की गई। उसके बाद आधी रात को सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का रास्ता बना। डोटासरा के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने नेशनल हाइवे पर से शांति भंग में पकड़े गए सभी 31 युवाओं को तहसीलदार के समक्ष पेश किया व वहां से उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। वही घर से डिटेन किये गए हरिराम बाना व राधेश्याम सिद्ध को उनके बाद थाने से छोड़ा गया। थाने से रिहा होने के बाद युवाओं ने अपने नेता हरिराम बाना को कंधों पर उठा लिया व सीएम द्वारा ट्रॉमा के लिए की गई 25 करोड़ की घोषणा को उनके आंदोलन के दबाव में कई गई घोषणा बताते हुए जश्न मनाया। अपने कार्यकर्ताओं के लिए प्रदेशाध्यक्ष के सक्रिय होने से क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश जाग गया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध ने डोटासरा का आभार जताया और कहा कि उनका हस्तक्षेप नहीं होता तो स्वतंत्रता का दिन भी उन्हें व क्षेत्र के युवाओं को थाने की बंदिशों में बिताना पड़ता।
वहीं स्थानीय कांग्रेस के अन्य नेताओं की इतने बड़े घटनाक्रम के बाद निंदा तक नहीं करना भी क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। विदित रहे कि सुबह 9 बजे कांग्रेस नेता हरिराम बाना व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध को पुलिस द्वारा उनके घर से उठा लिए जाने से शुरू हुआ यह घटनाक्रम दिन भर चला। इस दौरान पुलिस ने बाना के कार्यालय के घेरे रखा व वहां पहुंचने वाले युवा कार्यकर्ताओ को लगातार डिटेन करती रही। पुलिस इन के युवाओं वाहनों को भी क्रेन से थाने ले गई थी। इसके बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया था व युवाओं ने शनिवार सुबह थाने का घेराव करने की चेतावनी भी दे डाली थी।














