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October 14, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 अगस्त 2026।
गुरु हँसोजी धाम लिखमादेसर से नशे की सामाजिक स्वीकृति के खिलाफ 100 गांवों तक पहुंचने वाले जनजागरण अभियान का आगाज हुआ। नई किरण नशा मुक्ति केंद्र, राजकीय डूंगर कॉलेज बीकानेर, श्री गुरु हँसोजी धाम एवं श्री जसनाथ जी नवयुवक संस्था लिखमादेसर के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक नशा मुक्ति कार्यशाला आयोजित की गई। महंत श्री भँवरनाथ जी सिद्ध के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विवाह, मृत्यु भोज एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में थाली में तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ परोसने की कुरीति को त्यागने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के संयोजक प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी ने कहा कि नशा अब केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती बन चुका है। सामाजिक आयोजनों में तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ परोसे जाने से नशे को अनजाने में सामाजिक स्वीकार्यता मिलती है और नई पीढ़ी के बीच इसका सामान्यीकरण होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए समाज को स्वयं आगे आकर ऐसी कुरीतियों का त्याग करना होगा। प्रोफेसर ज्याणी ने देव जसनाथ जी एवं गुरु हँसोजी की संयम, सदाचार और नशामुक्त जीवन की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के सदस्य प्रोफेसर महावीर सियाग ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करता है। नशे के कारण पारिवारिक विघटन, सामाजिक तनाव और अपराध जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता को जरूरी बताया। प्रोफेसर रविकांत व्यास ने अभियान को नशा उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि गुरु हँसोजी महाराज के आशीर्वाद से शुरू हुई यह मुहिम आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन का रूप लेगी। देव जसनाथ वन मंडल के अध्यक्ष बहादुरमल सिद्ध ने स्वस्थ जीवनशैली, आत्मानुशासन एवं संयम को अपनाने का आह्वान किया। आशीर्वचन में महंत श्री भँवरनाथ जी सिद्ध ने कहा कि जसनाथ जी महाराज की शिक्षाएं सदैव नशामुक्त, संयमित एवं नैतिक जीवन का मार्ग दिखाती रही हैं। वर्तमान समय में तेजी से फैल रहे नए प्रकार के नशों से बचाव के लिए संतों की शिक्षाओं और बुजुर्गों की श्रेष्ठ परंपराओं को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन भादरनाथ ज्याणी ने किया तथा उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प दिलाया वहीं पुखराज, ओमनाथ सिद्ध एवं बजरंग भाम्भू के नेतृत्व में मानव आकृति निर्माण, जनजागरण रैली एवं ट्रैक्टर रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से नशे के खिलाफ सशक्त सामाजिक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं श्री जसनाथ जी नवयुवक संस्था के युवाओं ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि लिखमीसर उत्तरादा से शुरू हुए इस अभियान का आज गांव लिखमादेसर से 100 गांवों तक पहुंचाए जाने का संकल्प लिया गया। इन गांवों में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और नशामुक्त जीवनशैली को जनआंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नशा मुक्ति अभियान के तहत निकाली ट्रेक्टर रैली।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नशामुक्ति का लिया संकल्प।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महंत भंवरनाथ जी ज्याणी के सान्निध्य में आयोजित हुई रैली।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरू हंसोजी की तपोस्थली से हुआ 100 गांवो तक पहुंचने के अभियान का आगाज।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नशा मुक्त राजस्थान की मानव श्रृंखला बनाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी ने अभिभावकों से बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने की प्रेरणा दी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महंत भंवरनाथजी सिद्ध ने जसनाथ जी महाराज की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का आह्वान किया।