






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अक्टूबर 2026। सामाजिक संस्था श्रीओसवाल पंचायत में घमासान मचा है और आज ये कलह श्रीडूंगरगढ़ थाने पहुंच गई है। यहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष की शक्तियां उनके बार बार आग्रह पर भी उन्हें नहीं दिए जाने के आरोप लगाए है।
श्रीओसवाल पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नारायण गोलछा ने पूर्व अध्यक्ष विनोद भादानी के खिलाफ संस्था के अपने साथियों के साथ मिलकर संस्था की संपत्ति, हिसाब व रूपयों का जमकर दुरूपयोग करने, चुनाव संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष को संस्था भवन की चाबी, कागजात नगदी इत्यादि नहीं सौंपने व अध्यक्ष नहीं होते हुए भी अध्यक्ष के हस्ताक्षर कर छल कपट करने के आरोप में मामला दर्ज करवाया है। परिवादी ने पुलिस को बताया कि उनसे पूर्व संस्था के अध्यक्ष विनोद भादानी, मंत्री कांतिकुमार पुगलिया, ओसवाल मुक्तिधाम व जैन मंदिर के संयोजक अशोक बैद थे। श्रीओसवाल पंचायत के चुनाव 27 सितंबर को संपन्न हुए। चुनाव विजयी होने के बाद चुनाव अधिकारी विमल पुगलिया ने 29 सितंबर को वर्ष 2026-2028 तक के लिए संस्था अध्यक्ष के रूप में उन्हें कार्यभार सौंपा। संस्था के विधान के अनुसार पूर्व अध्यक्ष भादानी को नवनिर्वाचित अध्यक्ष को संस्था के कागजात, चाबी, लेखा जोखा, हिसाब, नगदी, चैक व बैंक पासबुक सौंप देने थे। परिवादी ने आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष ने अभी तक कब्जा जमा रखा है व आज दिन तक परिवादी को हिसाब नहीं सौंपा। 27 सितंबर के बाद वे संस्था की ओर से अधिकृत नहीं होने के बावजूद संस्था के चैक पर हस्ताक्षर कर छलकर रहें है। परिवादी ने 30 सितंबर को पत्र देकर संस्था संबंधित सभी दस्तावेज उनके सुपुर्द करने की बात कही, परंतु आरोपी अभी तक काबिज है। परिवादी ने संस्था की संपत्ति का दुरूपयोग करने के आरोप लगाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच हैड कांस्टेबल लेखराम को सौंप दी है।








