


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 अगस्त 2026। शहर की सड़कों की हालत देखकर लगता है कि यहां विकास की रफ्तार भले ही कागजों पर तेज हो, लेकिन सड़कों पर पहुंचते-पहुंचते कहीं अटक जाती है। नगरपालिका के भारी-भरकम बजट के बीच शहर की बदहाल सड़कें अब आमजन के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। स्थिति ऐसी है कि राहगीरों को सड़क पर चलने से ज्यादा यह चिंता रहती है कि अगला गड्ढा कहां मिलेगा।
गली-मोहल्लों की सड़कों की बात छोड़िए, शहर के प्रमुख मार्ग भी अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। घूमचक्कर से जीव जतन पालिका भवन के सामने तक का मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। यह शहर का प्रमुख आवागमन मार्ग है और दिनभर यहां से हजारों लोग गुजरते हैं। टैक्सी चालक, दुपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर सड़क की हालत से परेशान हैं। दुपहिया वाहन चालकों को तो मानो सड़क पर वाहन चलाने के साथ-साथ ‘संतुलन साधने’ का अभ्यास भी करना पड़ रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह शहर की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। आसपास के गांवों से आने वाले ग्रामीण, शहरवासी और सरकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की सुध नहीं लिए जाने से लोगों में नाराजगी है। पुस्तकालय से विजय स्टोर तक का मार्ग भी बदहाल है। इसी मार्ग पर पुलिस चौकी भी स्थित है, ऐसे में यहां आमजन का आवागमन लगातार बना रहता है। इसके अलावा तहसील मुख्यालय से गणेश मंदिर से शहर में आने वाली मुख्य गली की स्थिति भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। प्रमुख सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने वाले लोगों को भी खराब सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। ये गौरव पथ से मिलने तक फटेहाल है, जिससे शहरवासी बुरी तरह से परेशान है।
बाहर से आने वाले पूछते हैं—‘शहर में सड़कें कहां हैं?’
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शहर में बाहर से आने वाले प्रवासी लोग भी सड़कों की हालत देखकर हैरानी जताते हैं। नागरिकों का कहना है कि श्रीडूंगरगढ़ की पहचान व्यापारिक गतिविधियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख केंद्र के रूप में है, लेकिन शहर की प्रमुख सड़कों की हालत इस पहचान के अनुरूप नजर नहीं आती। सड़कों की बदहाली को लेकर नागरिकों में चर्चा लगातार बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका के बजट और विकास कार्यों के दावों के बीच यदि शहर की मुख्य सड़कें ही बदहाल रहें तो आमजन आखिर विकास को महसूस कहां करे। अब शहरवासियों की नजर नगरपालिका प्रशासन पर है कि गड्ढों से भरी इन सड़कों को कब राहत मिलेगी और कब श्रीडूंगरगढ़ की सड़कें ‘संभलकर चलने’ के बजाय आराम से चलने लायक बनेंगी।








