


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 सितम्बर 2026। नगरपालिका चुनावों के परिणामों के साथ ही इस बार खूब चर्चित हो रहा है, पालिकाध्यक्ष का चुनाव। पालिकाध्यक्ष के लिए बहुमत में 21 जनों को जुटाने के खूब प्रयास किए जा रहें है। लेकिन इस बार बहुमत नहीं पालिकाध्यक्ष के लिए अधिकतम मत की आवश्यकता के नियम ने दोनों पार्टियों के लिए लॉटरी का काम कर दिया है। परिणामों में कांग्रेस के 15, भाजपा के 13, विकास मंच के 9, निर्दलीय के 2 एवं सीपीएम के 1 पार्षद आने के कारण किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इस परिणाम के साथ ही चारों और चर्चा बहुमत के 21 पार्षद कौन एक जगह कर सकेगा। इस बात की रही लेकिन इस नए नियम की जानकारी मिलने के बाद यह चर्चा आम हो गई कि अब विकास मंच दोनों ही पार्टियों के लिए लॉटरी का काम करेगा। क्योंकि बहुमत होता तो कांग्रेस को 6 एवं भाजपा को 8 सदस्य जुटाने के लिए बहुत ज्यादा कोशिशें और बड़ा पैसा, पॉवर इस्तेमाल करना पड़ता है। दूसरी ओर विकास मंच द्वारा अपना प्रत्याशी उतारने एवं किसी को सर्मथन नहीं देने की घोषणा के साथ ही दोनो पार्टियां निश्चिंत हो गई है, कि अब सीमित प्रयासों में भी पालिकाध्यक्ष बनाया जा सकेगा। अब भाजपा एवं कांग्रेस के सामने बस खुद को अधिकतम साबित करना ही लक्ष्य बचा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अभी तक के अधिकतम 15 पार्षदों के साथ कांग्रेस ने अपने पार्षदों को किसी प्रकार की सेंधमारी से बचाने के लिए ऑपरेशन हाइड शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने अपने पार्षदों को मंगलवार को शपथ दिलवा कर दूरस्थ स्थान पर भेज कर भाजपा की सेंधमारी से बचाने का पुख्ता प्रयास किया है। वहीं दूसरी और कांग्रेस से केवल एक ज्यादा पार्षद गिनवाने के लिए 13 पार्षदों वाली भाजपा ऑपरेशन सेंधमारी में जुटी हुई है। भाजपा के स्थानीय से लेकर जिला, प्रदेश तक के नेता हर हाल में कम से कम 3 पार्षद जुटाने में जुट गए है।
विकास मंच बना लॉटरी, तीन अन्य भी चर्चा में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विकास मंच द्वारा अपना प्रत्याशी खड़ा करना एवं अपने नौ पार्षदों को उसी पर मतदान करवा लेने के दावों को अब दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के लिए लॉटरी माना जा रहा है। अभी जो तस्वीर सामने आ रही है वह कायम रही तो निश्चित रूप से कांग्रेस को केवल अपने लोग सुरक्षित रखने होगें एवं भाजपा को केवल तीन पार्षद जुटानें होगें। ऐसे में भाजपा-कांग्रेस-विकास मंच के अतिरिक्त दो निर्दलियों एवं एक सीपीएम के पार्षद भी महत्वपूर्ण भूमिका में आ गए है। इन तीनों की मान-मन्नोवल भी जोरों पर है।
बिना पार्षद बने पालिकाध्यक्ष की चर्चा जोरों पर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस बार बिना पार्षद बने ही पालिकाध्यक्ष बनने की चर्चाएं भी जोरों पर है। विकास मंच द्वारा अपने वार्ड 17 से पार्षद के रूप में हारे हुए प्रत्याशी जतनसिंह राजपुरोहित को पालिकाध्यक्ष पर्चा भरवाने का दावा किया जा रहा है वहीं कांग्रेस द्वारा भी चुनाव से पूर्व से ही अघोषित रूप से सामने आए हुए वार्ड 15 से हारने वाले राधेश्याम सारस्वत को पालिकाध्यक्ष बनाने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि पालिकाध्यक्ष के लिए कांग्रेस, भाजपा, विकास मंच तीनों द्वारा नामांकन पत्र ले लिए गए है, लेकिन आज नामांकन के पहले दिन किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं करवाया है। अब नामांकन करने का अंतिम दिन कल बुधवार का रहेगा।







