






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अगस्त 2024। अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाने के लिए किसी सामाजिक संगठन का नाम, किसी दानदाता का सहयोग या सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने की चाह ही जरूरी नहीं होती। ये साबित किया है श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के तीन युवाओं ने जो लगभग हर शाम अंधेरा ढ़लने के बाद बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ के बीच का सफर नेशनल हाईवे पर तय करते है। क्षेत्र के गांव बिग्गा के निवासी गोविंद सारस्वत, हरिकिशन ओझा एवं गावं शेरूणा के सहीराम जाखड़ जो बीकानेर में क्षेत्र के युवा उद्यमी मघाराम सुथार द्वारा संचालित एमजीसी कंस्लटेंसी एंड फाईनेंशियल सर्विसेज में कार्य करते है। ये हर दिन बीकानेर कार्यालय से गांव आना-जाना करते है और अपने हाईवे के इस सफर के दौरान कई बार बेसहारा पशुओं के कारण हाईवे पर हादसों के साक्षी बनते है। चौमासे में हाईवे पर पशुओं की संख्या में वृद्धि भी हो गई है एवं हादसों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में इन युवाओं ने हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं हाईवे पर विचरने वाले पशुओं का ध्यान वाहन चालकों को दूर से ही लग जाने के लिए प्रयास प्रारंभ किए। इन युवाओं द्वारा हर दिन रात को आते जाते हुए हाईवे पर मिलने वाले पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट बांधने चालू किए है। पिछले एक सप्ताह में इन युवाओं ने हाईवे पर करीब 250 से अधिक पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट बांध कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है। इन युवाओं का यही कहना है कि हर व्यक्ति अगर अपनी जिम्मेदारी अपने स्तर पर बिना किसी दूसरे के सहयोग का इंतजार किए हुए निभाने लग जाए तो अधिकांश समस्याओं का समाधान तो स्वयं से ही संभव है। इन युवाओं ने कई बार दुर्घटनाओं को देख कर उसमें से घायलों को निकालने, चिकित्सालय पहुंचाने, पुलिस, एम्बुलेंस को सूचना करने, श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को खबरें भेजने के कार्य करते हुए अपनी जागरूकता दिखाई है।





