September 14, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 सितंबर 2026। नगर पालिका चुनाव के मतदान के बाद निर्दलीय प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी को लेकर सियासत गरमा गई है। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका के 40 वार्डों में पहली बार चुनाव लड़ने वाले विकास मंच के 35 प्रत्याशियों की अलग-अलग बाड़ेबंदी की खबर से बवाल मच गया है।

वहीं, श्रीडूंगरगढ़ विकास मंच के संयोजक शूरवीर मोदी ने मीडिया रिपोटर्स का खंडन करते हुए बाड़ेबंदी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मंच के जतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि हमने शनिवार को चार पांच प्रत्याशियों के आराम करने के लिए विश्वकर्मा मंदिर में कमरे खुलवाए थे। परंतु उन्हें भी भारी दबाव के कारण मंदिर भी खाली करना पड़ा है। राजपुरोहित ने कहा कि मंच के सभी प्रत्याशी अपने अपने घरों में और अपने अपने काम पर है। हम अपने संकल्प पर कायम है और हमने कोई बाड़ेबंदी नहीं की है। मंच संयोजक शूरवीर मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि विकास मंच के किसी भी प्रत्याशी का किसी पूर्व बागी नेता अथवा किसी नेता के पोते से कोई संपर्क नहीं है और फार्म हाउस में बाड़ेबंदी जैसी कोई बात नहीं हुई। मोदी के अनुसार मतदान के तुरंत बाद प्रत्याशियों पर सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक दबाव बनाया जा रहा था। इसी वजह से वे पांच साथियों के साथ श्रीडूंगरगढ़ के विश्वकर्मा जी मंदिर परिसर में मौजूद थे, लेकिन वहां से भी भारी दबाव के कारण खाली करना पड़ा।

चुनावी गणित में निर्दलीयों की भूमिका पर निगाह

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गौरतलब है कि 40 वार्डों वाली नगरपालिका में बहुमत के लिए 21 पार्षदों की जरूरत होगी। ऐसे में 35 निर्दलीय प्रत्याशियों का दावा और उनकी चुनाव बाद की स्थिति राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। सभी जानकार व राजनीतिक विश्लेष्कों ने भाजपा-कांग्रेस से अलग संभावित तीसरे विकल्प के तौर पर निर्दलीय को देख रहें है। ऐसे में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि विकास मंच की ओर से बाड़ेबंदी के दावे को खारिज किए जाने के बाद अब असल तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी कि निर्दलीय प्रत्याशी किस स्थिति में हैं और बोर्ड गठन के दौरान उनका रुख क्या रहता है।

अब नजर काउंटिंग पर…

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मतदान खत्म होने के बाद शुरू हुई बाड़ेबंदी की चर्चाओं और उसके जवाब में आए खंडन ने श्रीडूंगरगढ़ की चुनावी सियासत को और दिलचस्प बना दिया है। कल मतगणना के बाद ही सामने आएगा कि ‘बाड़ेबंदी’की चर्चा महज सियासी शोर थी या कुर्सी की सियासत के लिए कोई बड़ा खेल वास्तव में तैयार हो रहा था।

जिताऊ प्रत्याशियों को सुरक्षित रखा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विकास मंच द्वारा जारी वीडियो फोटो में जो प्रत्याशी नजर आ रहे हैं उनमें संगठन के प्रमुख सहित सहित कुछ प्रत्याशी शामिल है, वहीं कुछ जिताऊ प्रत्याशी नजर नहीं आ रहें है। कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिताऊ प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने में भी मंच द्वारा सक्रियता बरती जा रही है। ये सक्रियता अन्य दलों के विभिन्न प्रलोभनों से अपने प्रत्याशी को सुरक्षित रखने का प्रयास है।