बढ़ रहा है प्राक्रतिक चिकित्सा का चलन, श्रीडूंगरगढ़ में होगा निःशुल्क शिविर का आयोजन।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अक्टूबर 2021। एलोपैथी दवाइयों के साइड इफैक्ट की चर्चाएं प्रचलित होने के साथ ही आजकल प्राकृतिक चिकित्सा से रोग का समूल नाश करवाने का चलन काफी जोर पकड़ने लगा है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ में आचार्य श्री तुलसी महाप्रज्ञ साधना संस्थान द्वारा तेरापंथ भवन, धोलिया नोहरा में धर्मचंद भीखमचंद पुगलिया चेरिटेबल ट्रस्ट के आर्थिक सौजन्य से 17 दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन 15 अक्टूबर से किया जाएगा। शिविर में महात्मा केवलराम प्राकृतिक चिकित्सालय सीकर राजस्थान के संचालक वरिष्ठ प्राकृतिक चिकित्सक राधेश्याम पारीक व सहयोगी रविप्रकाश पारीक के निर्देशन में अनेक प्रकार के रोगों का इलाज किया जाएगा। इनमें कब्ज़, गैस, सिरदर्द, अनिंद्रा, गर्दन दर्द, कंधों का दर्द, पीठ दर्द, कमर दर्द, घुटनों का दर्द, जोड़ों का दर्द, साइटिका, गठिया बाय, मधुमेह, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म, श्वेत प्रदर, बांझपन आदि का उपचार योगिक क्रिया  प्राणायाम, आसन, कसरत, तथा प्राकृतिक चिकित्सा मिट्टी, जल, धूप, वायु, उपवास, मालिश एवं आहार सुधार द्वारा किया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष भीखमचंद पुगलिया, मंत्री मालचंद सिंघी ने क्षेत्र के नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में प्राकृतिक शिविर का लाभ लेने की अपील की है। शिविर का उद्घाटन समाजसेवी माणकचंद पुगलिया शुक्रवार को सुबह 9:00 बजे करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार श्याम महर्षि करेंगे,  मुख्य अतिथि डॉक्टर चेतन स्वामी, विशिष्ट अतिथि तोलाराम मारू होंगे।