June 15, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 जून 2026। मुकाम धाम से दर्शन कर लौट रहें एक परिवार की कब्रगाह बन गया नेशनल हाइवे, मंगलवार दोपहर करीब 1.30 हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के छह जनों ने दम तोड़ दिया।
नेशनल हाइवे पर एक कार और एक ट्रक की भीषण टक्कर हो गई, जिसमें कार सवार छह जनों की मौत हो गई। हरियाणा, फतेहाबाद के मताना गांव के निवासी रिटायर्ड सीनियर अकाउंटेंट ओमप्रकाश विश्नोई व उनकी पत्नी 45 वर्षीय सोरमा देवी, बेटी प्रमीला, 11 वर्षीय रोनित पुत्र सुरेंद्र, 10 वर्षीय यशवी पुत्री अमित, 6 वर्षीय खुशी पुत्री संदीप सुथार बिश्नोई ने हादसे में दम तोड़ दिया। वहीं दो साल की तनवी पुत्री संदीप गंभीर रूप से घायल हुई।
ये सभी बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ की ओर आ रहें थे और सामने से आ रहें ट्रक से कार की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए व कार में सवार सात जनो में एक दो साल की मासूम जिंदा बची जिसे गंभीर हालत में बीकानेर रेफर कर दिया गया। बच्ची को बीकानेर ट्रोमा पहुंचते ही आईसीयू में वेंटिलेटर पर लिया गया है। एएसआई राजकुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे व क्षतिग्रस्त वाहनों को श्रीडूंगरगढ़ थाने पहुंचाया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने मृतकों के परिवार को सूचना दे दी है। मताना गांव के सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश 30 मई को ही फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सीनियर अकाउंटेट पद से रिटायर हुए थे। मृतकों में ओमप्रकाश सहित उनकी पत्नी, 2 बेटियां, दोहती व पौते की मौके पर ही मौत हो गई।
फॉर लेन बने हाइवे, ट्रोमा होता तो बच सकती थी दो जानें…
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ हाइवे फॉर लेन बनाने व ट्रोमा सेंटर की कमी आज लोगों को खूब खली है। हाइवे पर ट्रेफिक दबाव गत तीन वर्षों में तेज गति से बढ़ गया है। यहां लगातार दर्दनाक हादसे हो रहें है, और श्रीडूंगरगढ़ की जनता का हक, यहां घोषित ट्रोमा सेंटर का निर्माण तो बीरबल की खीचड़ी हो गया है। दुर्घटना के तुरंत बाद घायलों को गाड़ी से निकालने के दौरान लोगों का कलेजा ट्रोमा नहीं होने के दर्द से कराह उठा। घायलों में एक महिला व एक बालिका ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ा। एक नन्हीं घायल बालिका को बीकानेर के ट्रोमा पहुंचाया गया। जहां उसे तुरंत आईसीयू में वेंटिलेटर पर लिया गया है। राहत कार्य कर रहें लोगों ने बताया कि ऐसा लगता है कि ट्रोमा यहां होता तो संभवत ये दो जानें ओर बच जाती.? हर एक भीषण हादसे के बाद क्षेत्रवासियों के ह्रदय में ट्रोमा का दर्द सालता है। लोग आवाज उठाते है, परंतु शासन व प्रशासन की लापरवाही की गणित आमजन की समझ से परे है । नतीजन ट्रोमा सेंटर निर्माण अब दूर की कौड़ी बन गया है।
मौत का ऐसा मंजर के कांप गए कलेजे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कार और ट्रक की टक्कर में कार बुरी तरह से पिचक गई। कार में ड्राइवर सीट पर बैठे वरिष्ठ नागरिक ओमप्रकाश की दर्दनाक मौत हुई व अन्य तीन जनों ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में चार नाबालिग मासूम है और राहत कार्य करने वाले सेवादारों ने बताया कि मौत का ऐसा मंजर सड़क पर नजर आया की कलेजे कांप गए। बमुश्किल घायलों को कार से निकाला गया। दो छोटे बच्चे व एक महिला जिंदा नजर आए और सबसे पहले उन्हें ही अस्पताल पहुंचाने के लिए तेज गति से प्रयास किए गए। सेवादार इन्हें जिंदा पहुंचाने में जीत गए परंतु एक नन्हीं बालिका के सिवा एक महिला व एक बच्ची ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। अस्पताल में मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई।