






पूनरासर धाम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ, कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स, 10 जून 2026। पूनरासर धाम स्थित जसनाथजी सम्प्रदाय के संत शिरोमणि पालाजी महाराज मंदिर में बुधवार से सात दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। कार्यक्रम के तहत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत घट स्थापना की गई तथा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस कथावाचक राकेश भाई पारीक ने श्रीमद्भागवत महात्म्य, भक्तों के आदर्श चरित्र और भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कारों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। कथा के दौरान भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इससे पूर्व विख्यात पूनरासर हनुमानजी मंदिर से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच निकली यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

गोपालसर में भागवत कथा में ध्रुव चरित्र और समुद्र मंथन का वर्णन
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स, 10 जून 2026। गोपालसर गांव के ठाकुरजी मंदिर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथावाचिका साध्वी देव योगिता ने सृष्टि की उत्पत्ति, समुद्र मंथन और ध्रुव चरित्र का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और भगवान के प्रति समर्पण से जीवन की हर बाधा को पार किया जा सकता है। उन्होंने ध्रुव की भक्ति को आदर्श बताते हुए कहा कि बालक ध्रुव की तपस्या आज भी समर्पण और विश्वास का सर्वोत्तम उदाहरण है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रसंगों ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।आयोजन समिति के अनुसार गुरुवार को कथास्थल पर नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की झांकियां, भजन संध्या और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रद्धालुओं में इसे लेकर उत्साह बना हुआ है।




