साथ में खाना पीना और दूर की रिश्तेदारी, पुलिस की यह टीम पड़ी अपराधियों पर भारी। पढ़ें लखासर हत्या की पूरी इनसाइड स्टोरी।


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जून 2021। आज क्षेत्र में सनसनीखेज मामले का खुलासा शेरुणा थानाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में उनकी टीम ने किया। रिश्तों व विश्वास का खून करती हुई इस वारदात की कड़ियां पुलिस ने मृतक के कॉल डिटेल से एक के बाद एक जोड़ी। मृतक रघुवीरसिंह व मुख्य आरोपी गणेश की नानियाँ आपस में बहनें थी और दोनों का आपस में मौसी के बेटे भाई व दोस्त जैसा संबंध था। गणेश का मृतक के घर सदा से ही आना जाना था। 2 वर्ष पूर्व ही रघुवीरसिंह का विवाह संजू कंवर निवासी धीरदेसर चोटियान से हुआ। संजू वारदात के दिन अपने पीहर भी गयी हुई थी। पुलिस ने घर से सुगबुगाहट तो गणेश व संजू के रिश्ते की सुनी पर किसी ने खुल कर कुछ नहीं कहा था। आरोपी शातिर इतनी के वारदात को सड़क दुर्घटना में तब्दील किया परन्तु पुलिस की टीम अपराधियो पर भारी पड़ी और वारदात का पर्दाफाश किया।



ऐसे अंजाम दिया वारदात को
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लखासर निवासी 31 वर्षीय युवक रघुवीरसिंह 7 जून को शाम करीब 7.30 बजे भींवसिंह के घर खाना खाने जाने का कह के निकला और परिजनों को उसका शव 8 जून सुबह जोधासर पेट्रोल पंप के पास पड़ा मिला। मृतक को पत्नी संजू के प्रेमी गणेश सिंह पुत्र नारायण सिंह, उसके साथी भवानी सिंह ने फोन करके लखासर बस स्टैंड पर बुलाया। आरोपी उसे मोटरसाइकिल पर बिठा कर होटल देशी ठाठ रोही झंझेऊ लेकर आया। यहां मृतक के साथ आरोपियों ने खाना खाया पिया ततपश्चात लालसिंह पुत्र हनुमान सिंह, लाल सिंह पुत्र मनोहर सिंह, काननाथ पुत्र मामराज नाथ को फोन कर पिकअप में बुलाया व वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने रघुवीरसिंह को टक्कर मार कर दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

पुलिस के इन जवानों ने खुलासा किया वारदात का।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस वारदात का खुलासा करने में बीकानेर महानिरीक्षक प्रफ्फुल कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा के सुपरविजन में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार, दिनेश कुमार के निर्देशन में थानाधिकारी मनोज कुमार, सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार, हैड कांस्टेबल सुभाष चंद, कांस्टेबल भीवाराम, प्यारेलाल, विनोद कुमार, संदीप कुमार, अशोक कुमार, विक्रांत, सुरेंद्र कुमार, विजय कुमार, गुलाम नबी, सहीराम, रामनिवास, साइबर सेल के दीपक यादव, दिलीप कुमार का योगदान रहा। मात्र तीन दिनों में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा इस टीम ने किया है।