August 12, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 अगस्त 2026। कृषि उन्नति योजना के कृषि विस्तार पर उपमिशन ‘आत्मा’के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में राज्य, जिला तथा पंचायत समिति स्तर पर विभिन्न कृषि उद्यमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए पात्र कृषकों से आवेदन एवं नामांकन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
परियोजना निदेशक ‘आत्मा’ बनवारी लाल डाबला ने बताया कि प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन-डेयरी एवं मत्स्य पालन, जैविक खेती तथा नवाचारी खेती एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन जैसे पांच क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक कृषक का चयन किया जाएगा। इस प्रकार प्रत्येक पंचायत समिति से कुल पांच कृषकों का चयन होगा।
पंचायत समिति स्तर पर चयनित कृषकों में से प्रत्येक गतिविधि के दो-दो सर्वश्रेष्ठ कृषकों सहित कुल 10 कृषकों का चयन जिला स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों से चयनित कृषकों में से राज्य स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में पांच-पांच, कुल 10 सर्वश्रेष्ठ कृषकों को सम्मानित किया जाएगा। उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि पंचायत समिति स्तर पर प्रत्येक चयनित कृषक को 10 हजार रुपये, जिला स्तर पर 25 हजार रुपये तथा राज्य स्तर पर 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुरस्कार के लिए निर्धारित मापदंडों की पूर्ति आवश्यक है। आत्मा योजना के अंतर्गत पूर्व वर्षों में पुरस्कृत कृषकों का पुनः चयन नहीं किया जाएगा। सम्मानित किए जाने वाले कृषकों का चयन जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित आत्मा शासी परिषद द्वारा किया जाएगा।
योग्य कृषकों के नाम स्वयं कृषक, निर्वाचित जनप्रतिनिधि अथवा कोई संस्था एवं व्यक्ति प्रस्तावित कर सकते हैं। प्रस्ताव के साथ कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का विवरण तथा 5 से 7 फोटोग्राफ संलग्न करना आवश्यक होगा। चयन प्रक्रिया में उन कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कृषि विभाग द्वारा निर्धारित 21 मूल मंत्रों की पालना करते हुए प्रमाणित बीजों का उपयोग, बीज उपचार, कृषि यंत्रीकरण, विभागीय पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज तथा हाईटेक कृषि तकनीकों को अपनाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर रहे हों।
उद्यानिकी क्षेत्र में हाईटेक उद्यानिकी, माइक्रो इरिगेशन, फलोद्यान स्थापना, सब्जी उत्पादन तथा फसलोत्तर प्रबंधन अपनाने वाले कृषकों को वरीयता मिलेगी। पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्र में उन्नत नस्ल के पशु, नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार, कृत्रिम गर्भाधान, अधिक दुग्ध उत्पादन तथा उत्कृष्ट मत्स्य पालन करने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जैविक खेती श्रेणी में कम्पोस्ट निर्माण, बीजामृत, वर्मीवॉश, जैविक उत्पाद निर्माण एवं विपणन जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कृषकों को वरीयता दी जाएगी। वहीं नवाचारी खेती एवं प्रसंस्करण श्रेणी में मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, अजोला उत्पादन तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जुड़े नवाचारों को विशेष महत्व दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत पुरस्कार हेतु आवेदन पत्र एवं नामांकन प्रस्ताव 30 अगस्त तक आमंत्रित किए गए हैं। संबंधित सहायक कृषि अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक ‘आत्मा’, कृषि भवन, सांगलपुरा बस स्टैंड के सामने, बीकानेर कार्यालय में भिजवाए जा सकते हैं।
किसान विस्तृत जानकारी के लिए अपने निकटतम कृषि कार्यालय, कृषि पर्यवेक्षक अथवा सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।