श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 अक्टूबर 2026। सेसोमूं स्कूल, श्रीडूंगरगढ़ का 26वां वार्षिकोत्सव ‘साधना’ रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। ‘लक्ष्य प्राप्ति के लिए समर्पित प्रयास’ की थीम पर आधारित समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटक, योग और संगीत की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। भारतीय संस्कृति, राजस्थानी लोक परंपराओं और आधुनिक अभिव्यक्ति के संगम ने आयोजन को यादगार बनाया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गणेश-सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की वाइस चेयरपर्सन पद्मा मूंधड़ा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों एवं अभिभावकों का अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता एवं पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल कुमार छंगाणी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यालय के पूर्व छात्र एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रमोद भोभरिया (RAS) तथा तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा (RTS) उपस्थित रहे। नगरपालिका अध्यक्ष नारायण कलानी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

महाकाली-रक्तबीज संहार से लेकर मारवाड़ी नाटक तक ने बांधा समां
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से मंच पर कला, संस्कृति और रचनात्मकता के विविध रंग बिखेरे। महाकाली-रक्तबीज संहार की प्रभावशाली प्रस्तुति ने पौराणिक प्रसंग को जीवंत किया, वहीं ‘ऐसी लागी लगन…’ नृत्य नाटिका, हिंदी नाटक, डिफेंस डांस और मारवाड़ी नाटक ‘घर कियां टूटे’ ने दर्शकों को आकर्षित किया। समकालीन नृत्य, राजस्थानी लोकनृत्य, योग प्रदर्शन और वाद्य संगीत की प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रतिभा देखने को मिली। नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियों से लेकर ग्रांड फिनाले तक पूरा आयोजन तालियों की गूंज से सराबोर रहा।

शिक्षा के साथ संस्कार और साधना भी जरूरी
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अनिल कुमार छंगाणी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, आयोजन की भव्यता और सुव्यवस्थित प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए चेयरमैन जगदीश प्रसाद मूंधड़ा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए किया जाने वाला प्रयास साधना के समान है। शिक्षा के साथ संस्कार, नैतिक मूल्यों और रचनात्मक गतिविधियों का भी विशेष महत्व है। विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

विद्यालय के चेयरमैन जगदीश प्रसाद मूंधड़ा ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प आवश्यक हैं। प्राचार्य सुब्रत कुंडू ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की वर्षभर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों की जानकारी दी। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

समापन पर एकेडमिक को-ऑर्डिनेटर फरियाद अली काजी ने अतिथियों, अभिभावकों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राकेश मूंधड़ा, नीता मूंधड़ा, अजीतसिंह परिहार, घनश्याम गौड़, रामनिवास बेनीवाल, बबीता प्रधान, महावीर माली, सुभाषचंद्र शास्त्री, मंजू शास्त्री, कृष्णा गहलोत, बालकराम शर्मा, लक्ष्मीनारायण भादू, गजानंद सेवग, अर्जुन जैन सहित विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

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