श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 नवम्बर 2026। पढें आज का पंचांग। 

🚩श्री गणेशाय नम:🚩 

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का ​ पंचांग 📜

☀ 06-Nov-2026
☀ Sri Dungargarh, India

🔅 तिथि  द्वादशी  10:32 AM
🔅 नक्षत्र  हस्त   04:43 AM
🔅 करण  तैतिल, गर  10:32 AM
🔅 पक्ष  कृष्ण  
🔅 योग  विश्कुम्भ   04:09 AM
🔅 वार  शुक्रवार  
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    
🔅 सूर्योदय    06:48 AM
🔅 चन्द्रोदय     04:51 AM
🔅 चन्द्र राशि    कन्या
🔅 सूर्यास्त    05:46 PM
🔅 चन्द्रास्त    03:48 PM
🔅 ऋतु    हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    
🔅 शक सम्वत  1948  पराभव
🔅 काली सम्वत    5127
🔅 दिन काल    10:57:57
🔅 विक्रम सम्वत  2083  
🔅 मास अमांत    आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत    कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय    
☀ शुभ समय    
🔅 अभिजीत  11:55 AM  12:39 PM
☀ अशुभ समय    
🔅 दुष्टमुहूर्त  09:00 AM  09:43 AM
🔅 कंटक  01:23 PM  02:07 PM
🔅 यमघण्ट  04:18 PM  05:02 PM
🔅 राहु काल  10:55 AM  12:17 PM
🔅 कुलिक  09:00 AM  09:43 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम  02:50 PM  03:34 PM
🔅 यमगण्ड  03:01 PM  04:24 PM
🔅 गुलिक काल  08:10 AM  09:32 AM
☀ दिशा शूल    
🔅 दिशा शूल    पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल    
☀ ताराबल    
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद    
☀ चन्द्रबल    
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन    

📜 चोघडिया 📜

🔅 चल  06:48 AM -   08:10 AM
🔅 लाभ  08:10 AM -   09:33 AM
🔅 अमृत  09:33 AM -   10:55 AM
🔅 काल  10:55 AM -   12:17 PM
🔅 शुभ  12:17 PM -   01:39 PM
🔅 रोग  01:39 PM -   03:02 PM
🔅 उद्वेग  03:02 PM -   04:24 PM
🔅 चल  04:24 PM -   05:46 PM
🔅 रोग  05:46 PM -   07:24 PM
🔅 काल  07:24 PM -   09:02 PM
🔅 लाभ  09:02 PM -   10:39 PM
🔅 उद्वेग  10:39 PM -    00:17 AM
🔅 शुभ   00:17 AM -    01:55 AM
🔅 अमृत   01:55 AM -    03:33 AM
🔅 चल   03:33 AM -    05:10 AM
🔅 रोग   05:10 AM -    06:48 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 तुला  चर  
शुरू: 05:22 AM    समाप्त: 07:41 AM

🔅 वृश्चिक  स्थिर  
शुरू: 07:41 AM    समाप्त: 10:00 AM

🔅 धनु  द्विस्वाभाव  
शुरू: 10:00 AM    समाप्त: 12:04 PM

🔅 मकर  चर  
शुरू: 12:04 PM    समाप्त: 01:47 PM

🔅 कुम्भ  स्थिर  
शुरू: 01:47 PM    समाप्त: 03:15 PM

🔅 मीन  द्विस्वाभाव  
शुरू: 03:15 PM    समाप्त: 04:41 PM

🔅 मेष  चर  
शुरू: 04:41 PM    समाप्त: 06:17 PM

🔅 वृषभ  स्थिर  
शुरू: 06:17 PM    समाप्त: 08:13 PM

🔅 मिथुन  द्विस्वाभाव  
शुरू: 08:13 PM    समाप्त: 10:28 PM

🔅 कर्क  चर  
शुरू: 10:28 PM    समाप्त:  00:48 AM

🔅 सिंह  स्थिर  
शुरू:  00:48 AM    समाप्त:  03:05 AM

🔅 कन्या  द्विस्वाभाव  
शुरू:  03:05 AM    समाप्त:  05:22 AM

🌼 आप सभी को धनतेरस के पर्व की हार्दिक शुभकामनायें, आप पर कुबेरदेव जी और वैधराज भगवान धन्वंतरि जी की असीम कृपा बनी रहे
शास्त्रों के अनुसार आज त्रियोदशी के दिन समुद्र मंथन के दौरान, आरोग्य के देवता “वैध राज भगवान धन्वन्तरि” अपने हाथ में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसीलिए इस दिन को धनतेरस के पर्व के रूप में मनाया जाता है। आज अति शुभ धनतेरस का पर्व है । कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। धनतेरस दीपावली के 5 पर्वो में सबसे प्रथम पर्व है। यह पाँचो दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माने गए है। दीपावली के पांच दिनों तक दीपदान का आज से ही प्रारम्भ होता है । इस दिन से दीपावली के पांचों दिनों तक संध्या के समय घर के बाहरी मुख्य द्वार के दोनों ओर अनाज के ढेर पर मिटटी के दीपक  को तेल से भर कर अवश्य ही जलाना चाहिए ।
धनतेरस का दिन वर्ष भर में खरीददारी का सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है । इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीददारी करने घर में सुख समृद्धि आती है, पूरे वर्ष धन का आगमन बना रहता है, शुभ समाचार मिलते है ।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री