श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अक्टूबर 2026। वन्यजीवों के प्रति संवेदना और जीव रक्षा का संदेश देने के लिए श्रीडूंगरगढ़ के बीदासर रोड स्थित समाधि स्थल पर बुधवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्षेत्र के गांव सांवतसर की रोही में 27 अक्टूबर 1999 को शिकारियों द्वारा तीन राष्ट्रीय पक्षी मोर और 27 चिंकारा हिरणों का शिकार किए जाने की घटना की स्मृति में श्रीडूंगरगढ़ में यहां प्रतिवर्ष जागरण और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। घटना के बाद शिकारियों का पीछा करते हुए सांवतसर के ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने श्रीडूंगरगढ़ में धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद बीदासर रोड पर मारे गए वन्यजीवों की स्मृति में समाधि स्थल बनाया गया। तब से मूक प्राणियों की याद में श्रद्धांजलि देने की परंपरा निरंतर जारी है। कार्यक्रम में जीव रक्षा संस्था के बीकानेर जिला अध्यक्ष मोखराम धारणिया सहित भालूराम, हरलाल, बृजलाल कीचड़, मांगीलाल पूनिया, गोपाल रामनिवास, श्रवण भाम्भू, हरलाल पटवारी, बालाराम, नाथूराम, ऋषभ, श्रवण कुमार, महीराम धारणिया, राकेश विश्नोई सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे। रात्रि जागरण में जगदीश, राजाराम और शिवराज लटियाल एंड पार्टी ने प्रस्तुतियां दीं। जंभेश्वर पर्यावरण एवं सुरक्षा प्रदेश संस्था के तहसील अध्यक्ष कैलाश बिश्नोई ने कहा कि ऐसे आयोजन वन्यजीवों के प्रति संवेदना जगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करने का अवसर हैं। कार्यक्रम में वन्यजीवों और वनस्पति की सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई। मोखराम धारणिया ने समाधि स्थल के सौंदर्यकरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए मूक प्राणियों की स्मृति में भव्य मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों ने क्षेत्र में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर चिंता जताते हुए सभी से वन्यजीवों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाधि स्थल के विकास में सहयोग करने की अपील भी की गई।

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