श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अक्टूबर 2026। गांवों में इन दिनों त्योहारों से ज्यादा चुनाव की रौनक दिखाई दे रही है। कहीं प्रत्याशियों के समर्थन में गाड़ियों के काफिले दौड़ रहे हैं, तो कहीं चौपालों पर जीत-हार के गणित बैठाए जा रहे हैं। घरों के आंगन से लेकर खेतों की ढाणियों तक पंचायत चुनाव की चर्चा है। किसका पलड़ा भारी है, किसके साथ कौन खड़ा है और किसकी नाराजगी किस प्रत्याशी पर भारी पड़ सकती है, इन सवालों के बीच श्रीडूंगरगढ़ और रीड़ी क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस के साथ माकपा व रालोपा की सक्रियता ने मुकाबलों को और दिलचस्प बना दिया है। अब चुनावी मैदान में हर दिन नए समीकरण बन रहे हैं। कहीं समर्थन की ताकत पर भरोसा है, तो कहीं नाराजगी दूर करने की कोशिशें जारी हैं। प्रत्याशियों की भागदौड़ और मतदाताओं की चुप्पी के बीच गांवों की चुनावी चौपालों पर चर्चाएं तेज हैं। 
गांव-गांव पहुंच रहे नेता, कार्यकर्ताओं की गाड़ियों ने पकड़ी रफ्तार
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। चुनाव प्रचार के मैदान में भाजपा, कांग्रेस, माकपा और रालोपा के नेता सक्रिय हैं। गांवों में दौरे हो रहे हैं, मतदाताओं से संपर्क साधा जा रहा है और अपने पक्ष में मतदान की अपील की जा रही है। नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं की गाड़ियां भी गांवों की गलियों और ढाणियों तक पहुंच रही हैं। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में पार्टियां पूरी ताकत लगा रही हैं, वहीं सरपंच पद के मुकाबलों ने ग्रामीण राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। नेताओं के सामने केवल समर्थन जुटाने की चुनौती नहीं है, बल्कि गांवों में पुरानी शिकायतें सुनने और नाराज मतदाताओं को मनाने की परीक्षा भी है। कहीं विकास कार्यों की चर्चा है, तो कहीं स्थानीय समस्याओं और पुराने राजनीतिक हिसाब-किताब पर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्याशियों के लिए हर गांव, हर मोहल्ला और हर परिवार का अपना महत्व है।
सरपंची का रोमांच, रिश्तेदारी से लेकर जातीय समीकरण तक चर्चा
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीण चुनावों में सरपंच पद को लेकर खास उत्साह नजर आ रहा है। यहां मुकाबला केवल पार्टी के नाम पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संपर्क, परिवारों की एकजुटता, रिश्तेदारी और स्थानीय समीकरणों पर भी निर्भर करता है। नानी-दादी के ननिहाल तक रिश्तों की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। जातीय समीकरणों के साथ पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता और प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि का आकलन भी हो रहा है। किस परिवार का समर्थन किसे मिलेगा, कौन पुराने साथी के साथ रहेगा और कौन नाराज होकर दूसरे खेमे में जा सकता है, इन चर्चाओं ने चुनावी माहौल को रोचक बना दिया है। मतदान से पहले तक रूठों को मनाने और छिटकते समर्थन को सहेजने के प्रयास जारी रहने के आसार हैं।
भाजपा-कांग्रेस के अलावा माकपा और रालोपा भी मैदान में
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस बार ग्रामीण चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के अतिरिक्त माकपा और रालोपा की सक्रिय दावेदारी भी चर्चा का विषय है। दोनों दलों ने अनेक वार्डों में प्रत्याशी उतारकर मतदाताओं के सामने अतिरिक्त विकल्प प्रस्तुत किए हैं। इससे कई जगह मुकाबले बहुकोणीय हो गए हैं और प्रत्याशियों को अपने समर्थकों को एकजुट रखने के साथ दूसरे खेमों में सेंध लगाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही के नगरपालिका चुनावों में भी दोनों प्रमुख दलों के अतिरिक्त प्रत्याशियों को मतदाताओं का समर्थन मिला था। अब ग्रामीण अंचल में भी मतदाताओं के सामने कई विकल्प हैं। ऐसे में चुनावी नतीजों का गणित केवल बड़े दलों के पारंपरिक समर्थन से तय होगा या स्थानीय प्रत्याशी और तीसरे-चौथे विकल्प भी समीकरण बदलेंगे, इस पर सबकी निगाहें हैं।
त्योहार नजदीक, लेकिन बाजार से ज्यादा गांवों में चुनाव की चर्चा
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कमजोर मानसून के कारण बाजार में पहले से ही मंदी के आसार बने हुए हैं। अब गांवों में चुनावी गतिविधियां तेज होने के बीच व्यापारियों को त्योहारों पर बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है। दूसरी ओर, ग्रामीण गलियों में प्रचार वाहनों की आवाजाही और प्रत्याशियों के दौरों ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। व्यापारियों की नजर त्योहारों की खरीदारी पर है, जबकि गांवों में मतदाताओं की चर्चाओं का केंद्र सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव बने हुए हैं। त्योहारों की तैयारियों के बीच चुनावी प्रचार भी लगातार गति पकड़ रहा है।
ये है मतदान का कार्यक्रम
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ और रीड़ी क्षेत्र में तीसरे चरण के तहत पंचायत चुनाव होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2 नवंबर को मतदान दल जिला मुख्यालय से रवाना होंगे। पंचायत समिति सदस्यों के लिए 3 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। पंच एवं सरपंच पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी होगी तथा 5 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। उपसरपंच का चुनाव 6 नवंबर को होगा।