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October 13, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अगस्त 2026। हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन का पर्व बहन-भाई के पवित्र प्रेम के लिए मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार राखी, रक्षा बंधन के शुभ मुहूर्त में ही बांधनी चाहिए। आप भी पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के बताए अनुसार शुभ समय में राखी बांधकर शुभकामनाएं देवें।

इस दिन बहने अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र / राखी बांधकर उनके कल्याण, उन्नति की कामना करती है और भाई हर हाल में आजीवन अपनी बहन की रक्षा, उसके सुख-सौभाग्य के लिए वचन देते है। लोक मान्यता है कि यह रक्षासूत्र भाइयों को इतनी शक्ति देता है कि वह हर परिस्तिथि का मुकाबला करके विजय प्राप्त कर सके।

श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा , शुक्रवार
ता. 28/08/2026. को दिवा 06:20 से 11:04 तक चंचल-लाभ-अमृत, दिवा 11:14 से 01:06 तक अभिजित बेला, दिवा 12:32 से 02:14 तक शुभ, दिवा 05:23 से 06:48 तक चंचल बेला में रक्षाबंधन का मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा।

गुरुवार 27 अगस्त को भद्रा पूर्णिमा तिथि के प्रारम्भ होने के साथ ही अर्थात प्रात: 09.09 AM से ही लग जाएगी जो उसी रात को 9.29 PM तक रहेगी अर्थात शुक्रवार को जिस दिन रक्षा बंधन मनाया जायेगा उस दिन भद्रा नहीं है।

गुरुवार 27 अगस्त को ही पंचक दोपहर में 1.36 PM पर लग जाएगा, पंचक पूरे पांच दिन रहते है। जिसका समापन मंगलवार 1 सितंबर को प्रात: 3.24 PM पर होगा। शास्त्रों में पंचक में कोई भी शुभ कार्य करने को मना किया जाता है लेकिन पंचक के दौरान पूजा पाठ और धार्मिक कार्य किये जाते है उनपर किसी भी प्रकार का प्रतिबन्ध नहीं रखा गया है, इसलिए रक्षाबंधन पर्व पर पंचक का किसी भी तरह का कोई भी प्रभाव नहीं होगा ।
शुक्रवार 28 अगस्त को इस साल का अंतिम चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है जो सुबह 06.53 से दोपहर 12.32 PM तक रहेगा। चूँकि यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा तो इसका सूतक भी नहीं लगेगा अर्थात इस ग्रहण का भारत के पर्व पर किसी भी प्रकार से कोई प्रभाव नहीं है। इसलिए आप इस दिन बिलकुल निश्चिंत होकर अपने भाइयों को राखी बांध सकती है और भाई राखी बंधवा सकते है।