




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अगस्त 2026। नगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की अंदरूनी उठापटक तेज हो गई है। टिकट को लेकर दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई है वहीं पार्टी नेताओं के सामने भी चुनौती कठिन हो गई है। गुरूवार को पर्चें भरे जाना शुरू हो गया परंतु अभी तक पार्टियां अपने पत्ते खोलने के मूड में नजर नहीं आ रही हैं। टिकट वितरण में देरी के पीछे सबसे बड़ा मकसद बगावत की संभावना को कम करना माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेष्कों का कहना है कि बड़े दल भी एक दूसरे के पत्ते खुलने का इंतजार कर रहें है। जिससे कहीं परिवर्तन करना हो तो वे कर सकें। ऐसे में पार्टियों द्वारा नामांकन के अंतिम दिन तक टिकटों की घोषणा करने की रणनीति पर भी चर्चाएं चल रही है। इससे एक लाभ ये भी होगा कि टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों को बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरने का पर्याप्त समय ही न मिले। कई वार्डों में टिकट के लिए दावेदार अपनी-अपनी ताकत दिखा रहे हैं। कोई वार्ड में वर्षों से सक्रिय होने का दावा कर रहा है तो कोई पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और संगठन में पकड़ का आधार गिनवा रहा है। ऐसे में पार्टियों के सामने भी बड़ा सवाल ये खड़ा है, कि टिकट वार्ड की पसंद को देखकर दिया जाए या पार्टी के राजनीतिक समीकरण के हिसाब से?
वार्ड की उम्मीदें या पार्टी की पसंद?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कई वार्डों में स्थानीय स्तर पर कुछ चेहरे मजबूत माने जा रहे हैं और समर्थक भी खुलकर उनकी पैरवी कर रहे हैं। लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के हाथ में है। यही वजह है कि दावेदारों व समर्थकों के बीच चर्चा है कि क्या पार्टी वास्तव में वार्ड की पसंद को प्राथमिकता देगी या फिर अपने राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से प्रत्याशी मैदान में भेजेगी।
चेयरमैन के चेहरे का भी रहेगा प्रभावी गणित?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस चुनाव में केवल पार्षद की जीत ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि चेयरमैन पद के समीकरण भी टिकट वितरण को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि पार्टी ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दे सकती है जो आगे चलकर चेयरमैन के लिए पार्टी की पसंद के चेहरे के साथ खड़े रहें। सवाल यह भी है कि कहीं किसी ऐसे मजबूत और स्वतंत्र छवि वाले उम्मीदवार को टिकट देने से परहेज तो नहीं किया जाएगा, जो भविष्य में चेयरमैन के चेहरे के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता हो। यानी टिकट वितरण में पार्टी के सामने दोहरा गणित है—वार्ड में जीतने वाला प्रत्याशी भी चाहिए और चेयरमैन की राह भी आसान रखनी है।
विकास मंच ने पहले ही खोले पत्ते चेयरमैन का चेहरा भी बताया
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़े दलों के बीच विकास मंच ने अपनी रणनीति अलग रखते हुए चेयरमैन पद के लिए चेहरा जतनसिंह राजपुरोहित को घोषित कर दिया है और वार्ड-वार्ड जाकर टिकट बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे मंच ने अपने उम्मीदवारों को पहले ही मैदान में उतारने का संकेत और तैयारी का अवसर भी मिल रहा है।
अब मुकाबला सिर्फ प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि चुनावी रणनीतियों के बीच भी दिखाई देने लगा है। एक तरफ पार्टियां अंतिम समय तक टिकट रोककर बगावत का रास्ता बंद करने की कोशिश में हैं, तो दूसरी ओर विकास मंच पहले ही चेहरों को मैदान में उतारकर प्रचार और जनसंपर्क का समय बढ़ा रहा है।








