


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 सितंबर 2026। मुख्य बाजार में स्थित पालिका की दुकानों को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। गुरूवार को बाजार में हंगामे के बाद पालिका में बवाल हुआ, कानूनी नोटिस दिए गए और पालिका ने किराए की फर्जी रसीदें करार दी। जर्जर दुकानों को खाली करवाने के नोटिस पालिका ने दिए वहीं आज सुबह समय सीमा पूरी होने के बाद इस विवाद में नया मोड़ आ गया है। पालिका द्वारा किराएदारों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया गया है। पालिका द्वारा मोमासर बास निवासी शंकरलाल पुत्र भंवरलाल सुनार, महबूब पुत्र शौकत तेली बंजारा, जुबेदा पत्नी बाबूखान, फारूख पुत्र जमीरूद्दीन पिंजारा, मोहम्मद पुत्र शौकत तेली के खिलाफ आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। नगरपालिका मंडल श्रीडूंगरगढ़ से प्राप्त परिवाद के आधार पर मामला दर्ज कर जांच एएसआई देवाराम को दी गई है। दर्ज मामले के अनुसार नगरपालिका मंडल के स्वामित्व की दुकानें मुख्य बाजार में भारतीय स्टेट बैंक के पास स्थित है। जिनमें महबूब तेली को दो दुकानें, जुबेदा को एक दुकान, फारूख को एक दुकान, अकबर को एक दुकान किराए पर दी गई थी। जिनका किसी प्रकार से सबलेट करने का अधिकार किराएदार को नहीं था व पालिका को आवश्यकता होने पर पालिका द्वारा खाली करवाकर कब्जा प्राप्त करने का अधिकार भी है। गत कई वर्षों से बकाया किराया जमा नहीं करवाने पर सभी किराएदारों को मौखिक व लिखित रूप से किराया अदा करने को कहा गया। वहीं इनका निर्माण करीब 50 साल पहले किया गया था जो अब पूर्णतया जर्जर अवस्था में है। यहां कोई जनहानि भी हो सकती है। भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण जानमाल के नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। गुरूवार, 17 सितंबर को कमल चांवरिया की देखरेख में जमादार व अन्य कामि्रक निर्देशानुसार कार्रवाई के लिए 9.30 बजे मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने राजकीय कार्य में बाधा डाली, धक्का मुक्की करते हुए गालियां निकाली। कर्मचारी वहां से लौट आए और आरोपी 11.30 बजे अनेक लोगों के साथ पालिका परिसर में आए। आरोपी शंकरलाल ने वकील के मार्फत कानूनी नोटिस दिए और फर्जी रसीदें दी। जबकि शंकरलाल किराएदार भी नहीं है। रिपोर्ट में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई व पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।







