


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स, 23 अगस्त 2026। उपखंड मुख्यालय के निकटवर्ती गांव सातलेरा में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जलदाय विभाग के गांव में मौजूद दोनों ट्यूबवेल लंबे समय से बंद पड़े हैं। विभागीय उदासीनता के चलते ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि टैंकरों से पानी मंगवाने के कारण घर का बजट बिगड़ गया है और अब परेशानी धीरे-धीरे रोष में बदल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का एक ट्यूबवेल करीब दो साल से खराब पड़ा है। हालात यह हैं कि ट्यूबवेल के तार तक चोरी हो चुके हैं, जिसकी एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। इसके बावजूद विभाग की ओर से ट्यूबवेल को दुरुस्त करवाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। वहीं गांव का दूसरा ट्यूबवेल भी करीब 25 दिनों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार दूसरे ट्यूबवेल को ठीक करवाने के लिए वे प्रतिदिन जलदाय विभाग के अधिकारियों से तीन-चार बार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा अनसुना किया जा रहा है। पेयजल संकट के चलते ग्रामीणों को निजी स्तर पर टैंकर मंगवाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव की सूखी खेलियों में भी आपणो गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति की ओर से पानी डाला जा रहा है। जरूरतमंद परिवारों की स्थिति सबसे अधिक खराब है और कई परिवार आसपास के कृषि कुओं से मटकों में पानी भरकर अपनी जरूरत पूरी करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग से दोनों ट्यूबवेल तत्काल दुरुस्त करवाकर गांव की पेयजल व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है। मौके पर सुगनाराम जाखड़, लिछमणाराम जाखड़, राजू, गोपाल जाखड़, प्रभु, आसाराम, रामधन जाखड़, सुगनाराम, नंदू शर्मा, जीतू और रामकिशन सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे और पेयजल समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की।






