




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जुलाई 2026। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ का 267वां स्थापना दिवस श्रीडूंगरगढ़ सेवा केंद्र स्थित मालू भवन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। साध्वी श्री लक्ष्यप्रभाजी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में गुरु परंपरा का गुणगान किया गया, आचार्य भिक्षु के आदर्शों का स्मरण किया गया तथा धर्म, अनुशासन और आत्मजागरण का संदेश दिया गया। साध्वी जी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु वंदना का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और आत्मपरिवर्तन का भी महापर्व है। उन्होंने कहा कि इसी दिन आचार्य भिक्षु ने तेरापंथ धर्मसंघ की स्थापना कर धर्म को अनुशासन, मर्यादा और संगठन का नया स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने देव, गुरु और धर्म के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है और संकल्प शक्ति को मजबूत बनाता है। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं से धर्म के प्रति अपनी आस्था को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल की हेमलता बरड़िया ने मंगलाचरण से किया। तेरापंथ सभा की अध्यक्ष सुशीला पुगलिया ने युवाचार्य मनोनयन एवं तेरापंथ स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आचार्य भिक्षु द्वारा स्थापित तेरापंथ धर्मसंघ आज भी अपने अनुशासन, मर्यादा और एक आचार्य व्यवस्था के कारण विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। उन्होंने समाज से तेरापंथ के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। युवक परिषद के सुमित बरड़िया ने भावपूर्ण गीतिका प्रस्तुत कर गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। महिला मंडल मंत्री अंबिका डागा ने विचार रखे व उर्मिला गीया एवं महिला मंडल की सदस्यों ने सामूहिक गीतिका प्रस्तुत की। साध्वी संपतप्रभाजी, पुनीतप्रभाजी एवं सुलेखाश्री जी ने प्रेरक उद्बोधन दिए। वहीं साध्वी नव्यप्रभा जी, उन्नतप्रभा जी, युक्तिप्रभा जी, प्राज्ञप्रभा जी एवं सात्विकप्रभा जी ने सामूहिक गीतिका के माध्यम से आचार्य भिक्षु का भावपूर्ण स्मरण करते हुए तेरापंथ स्थापना दिवस की महत्ता का वर्णन किया। कार्यक्रम में श्रावक-श्राविकाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभा मंत्री प्रदीप पुगलिया, सहमंत्री संजय बरड़िया, जितेश मालू, युवक परिषद अध्यक्ष विक्रम मालू, निवर्तमान मंत्री पीयूष बोथरा, महिला मंडल की उपाध्यक्ष मंजू बोथरा, संगठन मंत्री शारदा बोथरा, कोषाध्यक्ष सुमन पुगलिया सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर रात्रिकालीन कार्यक्रम, उपवास एवं एकासन की बारियों, युवक परिषद की सम्यक दर्शन कार्यशाला तथा मंत्र दीक्षा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही आचार्य भिक्षु त्रिशताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। पुरस्कारों का आर्थिक सौजन्य तेरापंथ सभा की अध्यक्ष सुशीला पुगलिया ने दिया। कार्यक्रम का संचालन महिला मंडल की उपाध्यक्ष मधु झाबक ने किया।



