July 23, 2026
008-vinod-giri

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जुलाई 2026। आज राष्ट्रीय वन संवर्धन दिवस पर पर्यावरण के लिए बढ़ रही जनजागरूकता व जनचेतना का एक श्रेष्ठ उदाहरण श्रीडूंगरगढ़ अंचल में देखने को मिला।
यहां एक अनोखा विवाह संपन्न हुआ जिसमें बेटी का घर खुशहाली के साथ बसने की दुआओं के साथ बारातियों को चिड़ियां बचाने के लिए घौसलें वितरित किए गए। वहीं बारात का स्वागत एक एक बाराती से पौधा लगवा कर किया गया। पर्यावरण संरक्षण व जीव दया की प्रेरणा देने वाले इस विवाह में विदाई गीतों के साथ इस कार्य की सराहना भी गांव में गूंज रही है।
गांव में गणेशसिंह सेवड़ की पुत्री पूजा का विवाह भवानीसिंह व राधाकंवर का विवाह शिवसिंह के साथ संपन्न हुआ। गांव में बुधवार को पूजा की बारात पुनायता पाली से व राधाकंवर की बारात असलखेड़ी से आई। सभी बारातियों का पुष्पवर्षा के साथ परंपरागत रूप से स्वागत किया गया। व्यवसायी कमल लाहोटी जसवंतगढ़ निवासी व कोलकाता प्रवासी की प्रेरणा से डॉ ललित सोमाणी के निर्देशन में गांव की गौशाला व गणेश मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। घरातियों ने गड्ढे करके पूर्व से 250 छायादार वृक्षों के पौधे तैयार रखें। एक एक बाराती ने एक एक पौधा लगवाया गया। पर्यावरण सुधार के लिए इस चेतना का पर्यावरणप्रेमियों ने खूब सराहना की है। ग्रामीणों ने बेटियों के विवाह के उपलक्ष में लगाए गए इन 250 पौधों को छायादार वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी ली। इनकी सार संभाल का दायित्व सेवड़ परिवार ने लिया।
वहीं गुरूवार को बारात को विदाई दी गई और सभी 250 बारातियों को सीख में चिड़ियां का घर संसार संवारने के उद्देश्य से चिड़ियां घर दिए गए। एक एक बाराती को एक एक चिड़ियाघर दिया गया। सभी बाराती ये उपहार पाकर खूब उत्साहित हुए। बारातियों ने अपने घर जाकर इस घोसलें को लगाने व चिड़ियां का घर बसाने की बात कही। मौजिज ग्रामीणों ने परिवार के पर्यावरण संरक्षण के प्रयास की सराहना करते हुए व्यवसायी कमल लाहोटी व डॉ ललित सोमाणी का आभार जताया।