






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 जुलाई 2026। शुक्रवार सुबह बड़ी खबर लिखमीसर दिखनादा की रोही से आई। जहां सड़क किनारे एक खेजड़ी के पेड़ से दो शव लटके मिले और सूचना के पांच घंटे तक शव लटके रहने के कारण मामले में सेरूणा पुलिस की असंवेदनशीलता पर भी सवाल उठे है।
मृतक युवक की पहचान सुरेंद्र उर्फ सुदंर पुत्र धन्नाराम मेघवाल निवासी कितासर बिदावतान तथा मृतक महिला कालीदेवी पत्नी कोजुराम मेघवाल निवासी बंडूआ, थाना राजलदेसर के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों ही विवाहित है, महिला चार बच्चों की माँ थी। महिला का परिवार युवक के खेत में काश्तकारी कर रहा था। दोनों मृतक अपने निवास स्थान से करीब 60 किमी दूर एक बोलेरो गाड़ी में यहां पहुंचे थे व सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर खेजड़ी पर लटक गए। मौके पर खड़ी बोलेरो गाड़ी में दोनों के फोन भी पड़े है व एक शराब की खाली बोतल भी मिली है। गाड़ी में एक करीब 20 लीटर का जरीकन भी डीजल से भरा रखा है। घटनास्थल गौशाला के ठीक सामने है व गौशाला में बीती रात सत्संग होने के कारण यहां देर रात तक यहां चहल पहल थी। दोनों मृतक रात करीब 2 बजे से 4 बजे के बीच मौके पर पहुंचे और फांसी का फंदा लगा लिया है। सूत्रों के अनुसार प्रथमदृष्टया मामला प्रेमप्रसंग का ही प्रतीत हो रहा है। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए है। व सूचना के 5 घण्टे तक शव नही उतारने से आक्रोशित है।
सेरूणा पुलिस ने 25 किमी की दूरी तय की 5 घंटे में, असंवेदनशीलता पर उठे सवाल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लिखमीसर दिखनादा की रोही में दो शवों को एक साथ लटकता हुआ खेत काश्तकार ने सुबह 5 बजे देखा व गौशाला में मौजूद लोगों को, अपने परिवार को सूचना दी। सूचना पुलिस को भी दी गई व बीट कांस्टेबल भी सूचना के तुरन्त बाद ही मौके पर पहुंच गए। लेकिन सेरूणा थाने से उच्चाधिकारियों के आने के इंतजार में ग्रामीण परेशान हुए। सेरुना थाने से घटना स्थल करीब 25 किलोमीटर दूर है व सेरुना थाने से सक्षम अधिकारी को यह दूरी तय करने में 4 घंटे से अधिक का समय लग गया। पुलिस अधिकारी करीब 9.30 बजे यहां पहुंचे तो ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए ऐसे गंभीर मामले में भी पुलिस द्वारा की गई लेटलतीफी को कोसा। ग्रामीणों ने इसे पुलिस का असंवेदनशील रवैया बताते हुए कहा कि इस दौरान सैंकड़ों लोगों ने आते जाते शवों को लटकते देखा। ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के ठीक सामने गौशाला है व अभी गौशाला में भागवत कथा चल रही है। इस कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह सुबह यहां परिक्रमा करने भी आते है। गौशाला में सुबह की प्रार्थना में आने वाले श्रद्धालुओं ने, महिलाओं व बच्चों ने इसे देखा व भयाक्रांत भी हुए।


