लालाराम के घर पड़े खाने के लाले, 11 साल की कमाई हुई राख, शाम के भोजन की व्यवस्था की सरपंच ने।







श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 मई 2022। इस बार क्षेत्र में आग की घटनाओं ने जैसे गरीब परिवारों के सपने खाख करने की ठान रखी है। आज शाम गांव कुंतासर में एक साथ तीन घर आग की लपटों का शिकार हो गए जिसमें लालाराम पुत्र ठाकरूराम मेघवाल के घर शाम के भोजन के लाले पड़ गए है। 30 वर्षीय लालाराम 11 साल से ट्रेक्टर ड्राइवर है व अधिकांशत: कमाई के लिए बाहर ही रहता है। उसका गाढ़ी कमाई से पाई पाई जोड़ कर पक्के मकान का सपना आज आग में जलकर राख हो गया। चूल्हे की आग ने उसके आशियाने रूपी एक झोंपड़े व एक छपरे को सारे सामान, नगदी, गहनों के साथ जलाकर भस्म कर दिया।लालाराम के चार छोटे छोटे बच्चे झोंपड़े में थे और पत्नी पड़ौस में गयी थी। ग्रामीण एकत्र हुए तब तक आग ने पास ही लालाराम के भाई सहीराम व सरोजदेवी लुहार के छपरो को भी चपेट में ले लिया। सहीराम व सरोजदेवी के घर तूड़ी व चारा जल गया परन्तु लालाराम के घर शाम की रोटी का जुगाड़ नहीं बचा। सरपंच उंकारराम ने गरीब परिवार के लिए शाम के भोजन व राशन की व्यवस्था की है। सरपंच ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को बताया कि शनिवार को किसी भामाशाह के सहयोग से परिवार के लिए कुछ कपड़े, बर्तन, बिस्तर की व्यवस्था करने के प्रयास किए जाएंगे। सरपंच ने बताया कि लालाराम पक्के मकान के लिए पाई पाई जोड़ रहा था और आज 11 साल की सारी मेहनत करीब एक लाख रुपये नगदी झोंपड़े की आग में जल गए। गांव में हर कोई इस संकट की घड़ी में गरीब परिवार को सांत्वना देते हुए एक झोंपड़ी बनवाने के लिए सामूहिक मदद के प्रयास कर रहें है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जलकर राख हुए नन्हे सपने, नन्हा बालक ढूंढ रहा है अपने कच्चे खिलोने।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लालाराम का एक पक्का कमरा बनाने का सपना भी टूटा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लालाराम के घर शाम का राशन भी सरपंच ने दिलवाया।