





श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 सितंबर 2026। मोक्ष की धरती और पितृ तीर्थ कहें जाने वाले प्रसिद्ध गया धाम का हिंदू धर्म में अत्यधिक धार्मिक महत्व है। लोक सामान्य में मान्यता है कि गया जी में पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और तर्पण करवाने वाले की सात पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है। आगामी पितृपक्ष में पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के सान्निध्य में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक धर्मनगरी श्रीडूंगरगढ़ से गया धाम यात्रा का आयोजन होगा। शास्त्री ने बताया कि भगवान विष्णु के चरणों के दर्शन और पितरों की मोक्ष प्राप्ति और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व कर्तव्य निभाने के उद्देश्य से गया धाम की सात दिवसीय पवित्र यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा के दौरान गया जी की पावन धरती पर पिंडदान एवं तर्पण के साथ श्रीमद्भागवत कथा का पुण्य श्रवण कराया जाएगा। यात्रा में केवल 108 श्रद्धालुओं के लिए रहने खाने व आने जाने संबंधी व्यवस्थाएं आयोजकों द्वारा ही की गई है। जिसका मात्र 15 हजार प्रति व्यक्ति खर्च रखा गया है। गयाजी से कथा व पिंडदान संपन्न करवा लौटते समय श्रद्धालुओं को प्रयागराज, काशी विश्वनाथ व अयोध्या में भगवान श्रीराम के दिव्य दर्शन करवाए जाएंगे। पंजीकरण की संख्या समिति होने के कारण इच्छुक श्रद्धालु समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करवा लेवें। यात्रा व कथा, पिंडदान के विषय में अधिक जानकारी के लिए श्रद्धालु 82908 14026 पर संपर्क कर सकते है।





