




श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2026। साहब मेरे घर में घुस कर मारपीट की, स्त्रियों की लज्जा भंग की, पोक्सो का अपराध किया, चोरी कर ले गए, धोखाधड़ी कर ली, अपहरण कर लिया, दुष्कर्म कर दिया……
ये गुहारें सुन कर हर किसी का मन पसीज जाता है एवं अपराधियों के खिलाफ मन में गुस्सा भर उठता है। लेकिन विडम्बना है कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्रवासियों के मन में ऐसे गंभीर अपराधों के दर्ज होने पर भी अपराधियों के खिलाफ गुस्से के बजाय मामले पर ही संशय एवं आशंकाएं उठने लगती हैं। ऐसी स्थिति आने का कारण है, क्षेत्र में लगातार बढ़ रही झूठी मुकदमेबाजी। इस झूठी मुकदमेबाजी के कारण आमजन जहां परेशान हो रहे हैं, वहीं पुलिस बल पर भी अतिरिक्त दौड़भाग का बोझ बढ़ रहा है। पढ़ें श्रीडूंगरगढ़ थाने से आ रहें आंकड़ों की विशेष रिपोर्ट।
मुकदमेबाजों के खिलाफ पुलिस ने खोला मोर्चा, कोर्ट में चलेगा झूठों के खिलाफ ट्रायल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने झूठे मुकदमे करने वालों के खिलाफ 0 टॉलरेंस नीति अपना ली है एवं ऐसे मुकदमेबाजों के खिलाफ अब पुलिस बीएनएस की धारा 217/248 के तहत न्यायलाय में इस्तगासा दर्ज करवा रही है। न्यायालय द्वारा इन इस्तगासों को स्वीकार कर ट्रायल भी शुरू किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने इस वर्ष 31 जुलाई तक 20 झूठे मुकदमे करवाने वाले लोगों के खिलाफ इस्तगासे कर दिए हैं। वहीं पुलिस ने वर्ष 2025 में पूरे वर्ष में ऐसे 19 इस्तगासे न्यायालय में पेश किए थे।
झूठे मामलों के आंकड़े भयावह, सामाजिक चेतना पतन की ओर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आंकड़ों की बात करें तो श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में 679 मुकदमे दर्ज हुए थे एवं इनमें से 280 मुकदमों में यानि 41 प्रतिशत से अधिक मामलों में एफआर लगी थी। इसी प्रकार वर्ष 2024 में 565 मुकदमों में से 192 मुकदमे यानि करीब 34 प्रतिशत, 2025 में 488 मुकदमों में से 157 मुकदमे यानि 32 प्रतिशत एवं वर्ष 2026 में 31 जुलाई तक दर्ज हुए 308 मुकदमों में से 71 यानि 23 प्रतिशत से मुकदमों में एफआर लगी है। यह आंकड़ें उस कड़वे सच को सामने ला रहे हैं, जो कि सामाजिक चेतना के पतन को दिखा रहा है। यह आंकड़े यह साबित कर रहे हैं, कि क्षेत्र में मीडिया ट्रायल एवं सामने वाले पक्ष को परेशान करने के लक्ष्य से, अपनी कमियां छिपाने के लक्ष्य से झूठे आरोप एवं झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं।
यह चर्चित मामले भी निकले झूठे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस द्वारा झूठे मामले दर्ज करवाने के दोषी 20 लोगों के खिलाफ इस वर्ष न्यायालय में इस्तगासे पेश किए गए हैं। इनमें से कई चर्चित मामले भी शामिल हैं। क्षेत्र में कई दिनों तक चर्चा में रहने वाले ये मामले भी झूठे पाए जाने के बाद आम जन में अब झूठे मामलों की चर्चा जोरों पर है। इन मामलों में श्रीडूंगरगढ़ के 220 केवी जीएसएस में घुस कर विद्युत कर्मी के साथ मारपीट करने के आरोप में श्रीडूंगरगढ़ के तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा पर दर्ज हुआ मामला, कस्बे के बिग्गाबास निवासी युवती द्वारा दर्ज करवाया गया बहला फुसला कर दुष्कर्म करने का मामला, श्रीडूंगरगढ़ मंडी के व्यापारी द्वारा दर्ज करवाया गया संगरूर के व्यापारी पर 300 क्विंंटल मूंगफली मंगवा कर पैसे नहीं देने का मामला, कस्बे की एक महिला द्वारा दर्ज करवाया गया बेटी का दिनदहाड़े अपहरण कर ले जाने का मामला, क्षेत्र की बैंकों में केसीसी रिकवरी एजेंट का काम करने वाले युवक के खिलाफ किसान द्वारा धोखाधड़ी से ज़मीन हड़पने का मामला, रीड़ी के एक पिता द्वारा अपनी नाबालिग बेटी की लज्जा भंग कर अपहरण का प्रयास करने का मामला भी शामिल है। इनके अलावा कई मामलों में स्त्री लज्जा भंग करने, अनाधिकृत प्रवेश करने, चोरी करने, खेत की सींव काटने, दहेज प्रताड़ना जैसे आरोपों के मामले झूठे पाए गए हैं।
गलतफहमी पर नहीं, झूठा पाए जाने पर हो रही कार्रवाई, 7 साल तक की सजा भी संभव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ थाने में दर्ज मामलों में से एफआर लगने वाले मामलों में गलतफहमी में दर्ज करवाए गए मामले, समझौते वाले मामले भी शामिल हैं। लेकिन इन मामलों में झूठे मुकदमे दर्ज करवाने की कार्रवाई नहीं होती। लेकिन पुलिस द्वारा अनुसंधान के दौरान किसी को फंसाने के इरादे से झूठा आपराधिक आरोप लगाया जाना पाया जाता है तो धारा 248 के तहत एवं लोकसेवक को झूठी एवं गलत जानकारी देने पर धारा 217 के तहत कार्यवाही की जा रही है। धारा 248 के तहत 7 साल तक की सजा एवं जुर्माना व धारा 217 के तहत 6 महीने की कैद व जुर्माना हो सकता है।





