गर्दन में दर्द को बिल्कुल ना करें नजरअंदाज, इस गंभीर बीमारी का हो सकता है लक्षण






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जून 2022। गर्दन हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है. कभी-कभी गर्दन में दर्द होने पर हम बेचैन-सा महसूस करने लगते हैं. क्योंकि गर्दन में दर्द होने पर हम अपने काम पर फोकस नहीं कर पाते. यहां तक कि खाने-पीने में भी दिक्कतों का सामना करते हैं. ज्यादा देर तक काम करने से भी गर्दन में होने वाला दर्द हमारी मुश्किलें बढ़ा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्दन में दर्द होना कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

Neck Pain Reasons: गर्दन में दर्द क्यों होता है?
सुबह सोकर उठने के बाद गर्दन में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे सोते हुए सख्त गद्दे या तकिये का इस्तेमाल करना या फिर ऊंचे तकिए पर सोने से भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वैसे डॉक्टर बिना तकिये के सोने की सलाह देते हैं. इसके अलावा कम्प्यूटर और लैपटॉप पर भी ज्यादा देर तक काम करने पर गर्दन में दर्द और खिंचाव महसूस होने लगता है. रात में ठीक से ना सो पाने की वजह से भी आपको कभी-कभी दर्द का सामना करना पड़ता है.

नॉन-स्पेसिफिक नेक पेन

कई मामलों में ऐसा भी होता है कि गर्दन में दर्द का सही कारण पता लगाना मुश्किल हो जाता है. लेकिन जब गर्दन में बिना किसी कारण दर्द हो तो इसका मतलब ये हो सकता है कि आपका कोई मसल्स टिश्यू टूट गया हो. हालांकि गर्दन में इस तरह का दर्द होना आम होता है.

चिंता और स्ट्रेस 
स्ट्रेस में अक्सर पीठ और गर्दन में दर्द की शिकायत देखने को मिलती है. क्योंकि स्ट्रेस के कारण मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं.

गर्दन के पीछे दर्द भी सबसे आम समस्या है. यह समस्या एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठने, सही मुद्रा में न सोने और अचानक गर्दन में नस चढ़ने की वजह से हो सकती है. एक्सपर्टस का मानना है कि छोटी-सी समस्या आगे चलकर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस में बदल सकती है. गर्दन में दर्द, अकड़न, सिर दर्द और कंधे के आसपास दर्द या कंधे में अकड़न इसके आम लक्षणों में से हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

  • गर्दन में दर्द दूर करने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें.
  • पर्याप्त धूप लेने से भी इस तरह के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है.
  • गुनगुने पानी में नमक डालकर सिकाई करना भी लाभदायक होता है.
  • दिनभर में कम से कम तीन से चार बार सिकाई करें.
  • जब भी बैठें या लेटें, तो ध्यान रखें कि गर्दन सीधी हो.
  • जब भी गाड़ी चलाएं तो पीठ को सीधा रखें.
  • सोते समय नरम और कम ऊंचाई वाला तकिया लगाएं.