मोमासर की भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म की लीलाओं का वर्णन किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोमासर स्थित स्वर्णकार माताजी मंदिर में नवरात्र के पावन पर्व पर आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक प्रदीप जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने जन्म लेते ही अपनी दिव्य लीलाएं दिखानी शुरू कर दी थीं। उनके जन्म के साथ ही जेल के ताले खुल गए, द्वारपाल निद्रा में लीन हो गए और वासुदेव जी के हाथों की हथकड़ियां तथा पैरों की बेड़ियां टूट गईं। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर भगवान के अंगूठे के स्पर्श से नदी का जलस्तर कम होने की कथा का भी वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज ने ध्रुव चरित्र, भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार और वामन अवतार सहित भगवान श्रीराम के जन्म की कथाओं का विस्तार से वर्णन किया। कथा प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और भगवान के प्रति अटूट विश्वास का संदेश दिया गया। भगवान श्रीकृष्ण के रूप में पार्थ सोनी तथा वासुदेव के रूप में लिच्छुसिंह राजपूत ने सुदंर वेश धरा। इस दौरान मोमासर सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर संचालक मंडल के सदस्य मदनलाल, मानिकचंद, रामलाल, शिवरतन, नवीन सहित अन्य सदस्य कथा आयोजन की व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं।

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सिद्ध रूस्तमजी महाराज की तपोस्थली पर कल होगा आसोज मेला। 
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रतनगढ़-चूरू क्षेत्र के आलसर बास स्थित सिद्ध रुस्तम जी महाराज की तपोस्थली रुस्तम धोरा पर शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को आसोज मेले का आयोजन होगा। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। मेले में महंत भंवरनाथ जाखड़ के सान्निध्य में जसनाथ जी धाम रुस्तम धोरा ओरन ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में महाप्रसादी की लाभार्थी श्रीमती रामिदेवी पत्नी ईश्वरनाथ सिद्ध ज्याणी होंगे। उनके पुत्र मोहननाथ, रेंवतनाथ, गोरखनाथ, रामनाथ और नौरंगनाथ सिद्ध ज्याणी परिवार, पुनरासर द्वारा महाप्रसादी में सहयोग किया जा रहा है। मेले के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर धोक लगाएंगे।