श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 07 नवंबर 2026। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 07-Nov-2026
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि त्रयोदशी 10:49 AM
🔅 नक्षत्र चित्रा 05:52 AM
🔅 करण वणिज, विष्टि 10:49 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग प्रीति 03:26 AM
🔅 वार शनिवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:49 AM
🔅 चन्द्रोदय 05:48 AM
🔅 चन्द्र राशि 05:15 PM
🔅 सूर्यास्त 05:45 PM
🔅 चन्द्रास्त 04:18 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 काली सम्वत 5127
🔅 दिन काल 10:56:35
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 11:55 AM 12:39 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 06:49 AM 07:32 AM
🔅 कंटक 11:55 AM 12:39 PM
🔅 यमघण्ट 02:50 PM 03:34 PM
🔅 राहु काल 09:33 AM 10:55 AM
🔅 कुलिक 07:32 AM 08:16 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 01:23 PM 02:06 PM
🔅 यमगण्ड 01:39 PM 03:01 PM
🔅 गुलिक काल 06:49 AM 08:11 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅 काल 06:49 AM - 08:11 AM
🔅 शुभ 08:11 AM - 09:33 AM
🔅 रोग 09:33 AM - 10:55 AM
🔅 उद्वेग 10:55 AM - 12:17 PM
🔅 चल 12:17 PM - 01:39 PM
🔅 लाभ 01:39 PM - 03:01 PM
🔅 अमृत 03:01 PM - 04:23 PM
🔅 काल 04:23 PM - 05:45 PM
🔅 लाभ 05:45 PM - 07:23 PM
🔅 उद्वेग 07:23 PM - 09:01 PM
🔅 शुभ 09:01 PM - 10:39 PM
🔅 अमृत 10:39 PM - 00:17 AM
🔅 चल 00:17 AM - 01:55 AM
🔅 रोग 01:55 AM - 03:33 AM
🔅 काल 03:33 AM - 05:11 AM
🔅 लाभ 05:11 AM - 06:49 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 तुला चर
शुरू: 05:18 AM समाप्त: 07:37 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 07:37 AM समाप्त: 09:56 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 09:56 AM समाप्त: 12:00 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:00 PM समाप्त: 01:43 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 01:43 PM समाप्त: 03:11 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:11 PM समाप्त: 04:37 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 04:37 PM समाप्त: 06:13 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:13 PM समाप्त: 08:09 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:09 PM समाप्त: 10:24 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:24 PM समाप्त: 00:44 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 00:44 AM समाप्त: 03:01 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 03:01 AM समाप्त: 05:18 AM
🌼 आप सभी को छोटी दीपावली / नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनायें
आज छोटी दीपावली / नरक चतुर्दर्शी / रूप चतुर्दर्शी, हनुमान जयंती का पर्व है । शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण और राक्षस नरकासुर के मध्य कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि तक घोर युद्ध हुआ था।
भगवान श्री कृष्ण जी ने आज ही अधर्मी नरकासुर का वध कर सोलह हजार स्त्रियों को मुक्त कराया था। इस शुभ अवसर पर हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है।
नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी और यम की भी पूजा की जाती है । बहुत सी जगहों पर आज हनुमान जयंती भी मनाई जाती है क्योंकि आज ही के दिन माँ सीता ने हनुमान जी को अमर होने का वरदान दिया था ।
हनुमान जी बहुत ही शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं , हनुमान जी को कलयुग के साक्षात देवता कहा गया है अर्थात हनुमान जी कलयुग में भी जीवित देवता है। आज के दिन मंदिर में हुनमान जी को प्रशाद, इत्र, मीठा पान, पीला सिंदूर और तिल का तेल अर्पित करें, ऐसा करने से कार्यो में अवरोध दूर होता है ।
आज के दिन संध्या के समय तिल के तेल से भरे 14 दीपक प्रज्ज्वलित करके उनकी पूजा करके उसको पूरे घर में अलग अलग स्थान पर रखें । ऐसा करने से घर में स्थाई लक्ष्मी जी का वास होता है ।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री