श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 नवंबर 2026। आज रवि पुष्य का महासंयोग है और साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग, लक्ष्मीनारायण योग, श्रीवत्स योग, सूर्य कुंडली में शुक्र का मालव्य योग व विपरीत राजयोग बन रहें है। एक और खासियत यह है कि इसी दिन अहोई अष्टमी भी है। इस बार विशेष महासंयोग बन रहा है। पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसर, देवराज बृहस्पति (गुरू) ने भी 31 अक्टूबर को कर्क से सिंह राशि में प्रवेश किया। बृहस्पति हर 12 साल में सभी 12 राशियों का चक्र पूरा करते हैं। ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, संतान, भाग्य वृद्धि और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को पोषण, वृद्धि, स्थायित्व और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। जब यही पुष्य नक्षत्र रविवार को आता है तो रवि पुष्य योग बनता है। इस बार पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर को सुबह 6.31 बजे से प्रारंभ होकर 2 नवंबर सुबह 4.30 बजे तक रहेगा। इस तरह लगभग 21 घंटे से अधिक समय तक इसका संयोग रहेगा। परंपरागत रूप से इस दिन ऐसे कार्यों को शुभ माना जाता है, जिनमें लंबे समय तक लाभ और स्थायित्व की अपेक्षा हो। ज्योतिषियों के अनुसार फॉर व्हीलर हो या टू व्हीलर, कोई इलेक्ट्रानिक आयटम हो या सोना चांदी खरीदने के लिए आज खरीददारी का अति शुभ मुहूर्त है।