श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अक्टूबर 2026। ड्रोन सर्वे रिपोर्ट में खामियों का आरोप लगाते हुए देराजसर के ग्रामीणों ने दोबारा सर्वे करवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से आबाद परिवारों और खातेदारी भूमि की सीमाओं को लेकर सर्वे में त्रुटियां सामने आई हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी को ज्ञापन देकर सर्वे की समीक्षा करवाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, खसरा नंबर 93 को वर्तमान आबादी के नक्शे से बाहर दर्शाया गया है। गांव की आबादी के पूर्वी और पश्चिमी दिशा में गोचर भूमि तथा उत्तर और दक्षिण दिशा में खातेदारी भूमियां हैं। किसानों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी खातेदारी भूमि पर काबिज हैं और पुरानी सीमाओं के अनुसार खेती कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्रोन सर्वे के दौरान पुराने कुओं, बावड़ियों, वृक्षों, रेलवे लाइन और राजस्व केंद्र जैसे स्थायी चिन्हों को आधार बनाने सहित निर्धारित तकनीकी मानकों का समुचित ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने बताया कि गांव का राजस्व आबादी नक्शा वर्ष 1959-60 का है, जबकि वर्तमान नक्शे और ड्रोन सर्वे के नक्शे में काफी अंतर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए सर्वे रिपोर्ट के आधार पर डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया, तो ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में जारी आवासीय पट्टों और खातेदारी भूमि की सीमाओं को लेकर कानूनी विवाद उत्पन्न होने की आशंका जताई। ग्रामीणों ने प्रशासन से निजी संस्था द्वारा तैयार ड्रोन सर्वे रिपोर्ट को अंतिम मानने से पहले उसकी जांच करवाई जाए। सक्षम राजस्व अधिकारियों और नक्शा तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा सर्वे करवाया जाए, ताकि भूमि सीमांकन की त्रुटियों को दूर करने की मांग की है। इस दौरान मोहनदास स्वामी, सत्यनारायणदास, मांगीलाल, भंवरलाल, श्रवणराम, शिखाराम, हनुमानराम भादू, लक्ष्मणराम भादू, बीराराम मौजूद रहें।
ड्रोन सर्वे में आबादी से बाहर दर्शाए वर्षों पुराने मकान, ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जताया रोष
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