श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 नवंबर 2026। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 08-Nov-2026
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि चतुर्दशी 11:29 AM
🔅 नक्षत्र स्वाति पूर्ण रात्रि
🔅 करण शकुन, चतुष्पाद 11:29 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग आयुष्मान 03:02 AM
🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:49 AM
🔅 चन्द्रोदय 06:47 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 सूर्यास्त 05:45 PM
🔅 चन्द्रास्त 04:52 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 काली सम्वत 5127
🔅 दिन काल 10:55:13
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 11:55 AM 12:39 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 04:17 PM 05:01 PM
🔅 कंटक 10:28 AM 11:12 AM
🔅 यमघण्ट 01:23 PM 02:06 PM
🔅 राहु काल 04:23 PM 05:45 PM
🔅 कुलिक 04:17 PM 05:01 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 11:55 AM 12:39 PM
🔅 यमगण्ड 12:17 PM 01:39 PM
🔅 गुलिक काल 03:01 PM 04:23 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
📜 चोघडिया 📜
🔅 उद्वेग 06:50 AM - 08:12 AM
🔅 चल 08:12 AM - 09:33 AM
🔅 लाभ 09:33 AM - 10:55 AM
🔅 अमृत 10:55 AM - 12:17 PM
🔅 काल 12:17 PM - 01:39 PM
🔅 शुभ 01:39 PM - 03:01 PM
🔅 रोग 03:01 PM - 04:23 PM
🔅 उद्वेग 04:23 PM - 05:45 PM
🔅 शुभ 05:45 PM - 07:23 PM
🔅 अमृत 07:23 PM - 09:01 PM
🔅 चल 09:01 PM - 10:39 PM
🔅 रोग 10:39 PM - 00:17 AM
🔅 काल 00:17 AM - 01:55 AM
🔅 लाभ 01:55 AM - 03:33 AM
🔅 उद्वेग 03:33 AM - 05:12 AM
🔅 शुभ 05:12 AM - 06:50 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 तुला चर
शुरू: 05:14 AM समाप्त: 07:33 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 07:33 AM समाप्त: 09:52 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 09:52 AM समाप्त: 11:56 AM
🔅 मकर चर
शुरू: 11:56 AM समाप्त: 01:39 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 01:39 PM समाप्त: 03:07 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:07 PM समाप्त: 04:33 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 04:33 PM समाप्त: 06:09 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:09 PM समाप्त: 08:05 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:05 PM समाप्त: 10:20 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:20 PM समाप्त: 00:40 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 00:40 AM समाप्त: 02:58 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 02:58 AM समाप्त: 05:14 AM
🌼 आप सभी को दीपावली के महा पर्व की हार्दिक शुभकामनायें
असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को पूरे भारतवर्ष में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इस पर्व का सभी बच्चों और बड़ों को पूरे वर्ष इंतजार रहता है। इस पर्व को मनाने के लिए कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती है।
शास्त्रों के अनुसार प्रभु श्री राम जी चौदह वर्षों का वनवास बिताकर और लंकापति रावण का वध करके जब सीता माता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के साथ अयोध्या वापस लौटे तो उनके स्वागत में सारी अयोध्या नगरी को दीपक जलाकर सजाया गया, यह पहली दिवाली मनाई गई थी जो त्रेता युग में थी । इसके साथ ही ये पर्व असत्य पर सत्य की विजय, अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व कहलाने लगा ।
पंचांग के अनुसार, इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि का प्रारम्भ 8 नवम्बर को सुबह 11 बजकर 29 मिनट पर होगा और इस तिथि का समापन 9 नवम्बर सोमवार को दोपहर में 12 बजकर 31 मिनट पर होगा ।
चूँकि 8 तारीख को अमावस्या तिथि लगने के बाद उस में प्रदोष व्यापिनी तिथि, स्थिर लग्न और निशीथ काल प्राप्त हो रहा है, जिसमें ही महालक्ष्मी जी की पूजा करना श्रेष्ठ होता है इसलिए दीपावली का पर्व 8 नवम्बर रविवार को ही मनाया जायेगा ।
गोवर्धन पूजा 9 नवंबर सोमवार को किया जाएगा !
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री