श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 नवंबर 2026। पंचायत परिसीमन के विरोध में एकजुट हुए दुसारना पीपासरिया के ग्रामीणों ने अब सरपंच और वार्ड पंच चुनाव से भी दूरी बना ली है। बुधवार को गांव के धरना स्थल पर मौजूद बुजुर्गों और युवाओं ने सरपंचाई के लिए दावेदारी छोड़ने का ऐलान करते हुए चुनाव बहिष्कार का निर्णय कायम रखा। गांव से सरपंच और वार्ड पंच के लिए एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव में मतदान नहीं करने के बाद ग्रामीणों का यह कदम प्रशासन के लिए भी परेशानी भरा बन गया है। विदित रहें ग्रामीण दुसारना पंडरिकजी में शामिल करने या नई पंचायत बना देने की मांग कर रहें है।
एक पखवाड़े से धरना, नहीं मना पाया प्रशासन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीण परिसीमन के बाद से लगातार अपना विरोध दर्ज करवा रहें थे और एक पखवाड़े से वे धरने पर बैठे थे। प्रशासनिक विफलता भी क्षेत्र में चर्चा पर है, जिसके चलते 718 लोग मतदान से वंचित रह गए। हालांकि गांव के सरकारी कार्मिकों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया मतदान के लिए परंतु ग्रामीणों की एकता आगे यह प्रयास पूरी तरह से विफल साबित हुआ। जिले भर में पीपासरिया चर्चा का केंद्र बन गया है और प्रबुद्धजन वोट से वंचित रहने पर लोकतंत्र के विपरित बताते हुए इस पर चिंता जता रहें है। 
718 मतदाताओं वाले पीपासरिया में नहीं भरा एक भी पर्चा
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दुसारना पीपासरिया को नई ग्राम पंचायत कोटासर में शामिल किया गया है। कोटासर ग्राम पंचायत में कुल 1,593 मतदाता और 7 वार्ड हैं। बूथ संख्या 51 पर कोटासर गांव के 875 मतदाता हैं, जहां सरपंच पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं बूथ संख्या 52 पर दुसारना पीपासरिया के 718 मतदाता हैं। ग्रामीणों की एकजुटता के चलते गांव के तीन वार्डों में से किसी भी वार्ड में पंच के लिए नामांकन नहीं भरा गया है। ग्रामीणों ने सरपंच चुनाव के बहिष्कार का ऐलान करते हुए अपनी मांगों पर अडिग रहने का संदेश दिया है।
कोटासर में दो प्रत्याशियों के बीच सीधे मुकाबले की चर्चा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कोटासर ग्राम पंचायत में सरपंच पद सामान्य महिला सीट पर आरक्षित है। यहां पार्वती राजूराम सारण और मनोज कंवर अगरसिंह सहित छह ने नामांकन दाखिल किया है। टक्कर इन दोनों प्रत्याशियों के बीच होने की चर्चा है। ऐसे में सरपंचाई की जीत का गणित कोटासर के 875 मतदाताओं पर निर्भर रहेगा, क्योंकि दुसारना पीपासरिया के 718 मतदाताओं ने चुनाव बहिष्कार किया है। ग्रामीणों की नाराजगी के बीच कोटासर की सरपंचाई का मुकाबला रोचक होने की संभावना है। बता देवें दोपहर 2 बजे तक पर्चा उठाने का समय है और ऐसे में सरपंचाई के लिए मुकाबले की तस्वीर दो बजे साफ होने की खबर भी पाठकों तक पहुंचाई जाएगी।