August 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2026। पति के मरने के बाद उसके भाइयों ने विधवा भाभी से हिस्सा पांति को लेकर विवाद किया। महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को जबरन बंधक बनाकर रखने व हिस्सा पांति नहीं देने, बेटी को लौटाने से मना करने, उसके साथ धक्कामुक्की करने पर मामला श्रीडूंगरगढ़ थाने में दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई भंवरूखां को दी है।
एएसआई ने बताया कि नत्थूकंवर पत्नी दिवंगत भगवानसिंह राजपूत निवासी मोमासर, हाल निवासी सरदारशहर ने मोमासर निवासी पति के भाई बलवानसिंह व बजरंगसिंह पुत्र भूरसिंह राजपूत, महावीरसिंह व उसका बेटा अमित राजपूत के खिलाफ आरोप लगाए है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब 20 साल पहले उसका विवाह हुआ व उसके पति का 2014 में देहांत हो गया। वह अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ वह अपने पति की पैतृक भूमि को काश्त कर जीवन यापन कर रही थी। आरोपी उसे पैतृक मकान व खेतों से बेदखल करने की कोशिश करने लगे। 2015 में पंच पंचायती हुई और आरोपियों ने लिखित में पैतृक घर व खेत से बेदखल का प्रयास नहीं करने की बात कही। पीड़िता ने गांव मोमासर के काश्तकार पूनाराम नायक को अपने हिस्से की भूमि काश्त पर दे दी व अपने बच्चों को लेकर सरदारशहर चली गई। 2019 में आरोपियों ने उसके काश्तकार को निकाल दिया व उससे हिस्सा पांति की भूमि काश्त पर लेने व मेरा हिस्सा नगद भुगतान करने की बात कही। आरोपियों ने उसे आज तक अपने खेत काश्त की हिस्सा पांति के रूप में कुछ नहीं दिया। जिसमें परिवादिया को करीब 7 लाख से अधिक का नुकसान हो गया। आरोपियों ने उसकी नागालिग बेटी जबरन अपने कब्जा में बंधक बनाकर रखा है। 25 जून 2026 को पीड़िता ने अपना हिस्सा पांति मांगते हुए बेटी को अपने साथ भेजने की बात कही। इस पर आरोपियों ने धमकाते हुए हिस्सा पांति देने से व बालिका को देने से मना कर दिया। आरोपियों ने धक्का मुक्की करते हुए लज्जा भंग की। आरोपियों ने 1 जुलाई 2026 को राजीनामा करने से भी मना कर दिया। महिला ने पुलिस से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।