दलित पिता व चाचा ने निकाली बेटियों की बिदौंली, ग्रामीणों ने किया स्वागत।







श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 मई 2022। जातिगत भेदभाव की खाई को बढ़ाने के तुच्छ राजनीति स्वार्थवश प्रयास होते रहते है परंतु आपसी सौहार्द व सद्भाव हमारे क्षेत्र की मिट्टी के संस्कारों में है। और इसकी बानगी देखने को मिली गांव रिड़ी में। शुक्रवार को यहां अनुसूचित वर्ग के पिता व चाचा ने 2 बेटियों की बिन्दोली निकाली व गांव के उत्साही युवकों ने इसका स्वागत किया। ये तस्वीर हमारे समाज व हमारे क्षेत्र की सच्ची तस्वीर है क्योंकि जहां कई इलाकों में दलित लड़कों को भी घोड़ी पर नहीं बैठने दिया जाता वहीं रिड़ी गांव में दलित पिता द्वारा अपनी दो बेटियों की बिदौंली निकालना चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला सशक्तिकरण की ये तस्वीर समाज के पिछड़े वर्ग में नजर आए तो निस्सन्देह महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रयास धीरे ही सही पर काम कर रहें है। पुरनाथ सिद्ध ने बताया कि गांव के बजरंगलाल की पुत्रियां मोनिका व भावना की बिंदौली लालाराम मेघवाल के घर से धूमधाम से निकाली गई। लालाराम ने अपनी भतीजियों को बिन्दौली का भोज करवाने के बाद घोड़ी पर बिठाया व नाचते गाते उन्हें घर पहुंचाया। परिवार में जबरदस्त खुशी के साथ गर्व का माहौल रहा है देर रात तक रिश्तेदारों ने जमकर घूमर की और डीजे पर नाचे। गांव के अन्य परिवारों ने विवाह की शुभकामनाएं देते हुए लड़कियों की बिंदौली निकालने को सराहा। पुरनाथ ने बताया कि सभी जातियों के उत्साही युवाओं ने बिंदौली का स्वागत किया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। देर रात तक रिश्तेदार डीजे की धुनों पर झूम के नाचे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव रिड़ी में निकाली मोनिका व भावना की बिन्दौली।