








श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जून 2026। गांव रीड़ी में डूमेरा बास में स्थित जसनाथजी व सालानाथजी की बाड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन सोमवार को कथावाचक रामप्रसाद शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं सहित अनेक प्रेरणादायक कथा प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पांडाल में पहुंचे।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य प्रसंग पर श्रद्धा और उल्लास के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पांडाल बधाई गीतों, भजनों और ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। भगवान कृष्ण के बाल रूप की सुंदर झांकी सजाई गई। पांडाल में उपस्थित बच्चों को खिलौने, टॉफियां बांटी गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया तथा भजनों पर भाव-विभोर होकर नृत्य किया।
कथावाचक रामप्रताप शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और मानवता के कल्याण के लिए हुआ था। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, सेवा, भक्ति और सदाचार का संदेश ग्रहण करने का आह्वान किया। कथा के समापन पर आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान आयोजक मंडल के सदस्यों ने कथा की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया।






